रायपुर में बड़ा फैसला: अंबुजा सिटी सेंटर मॉल की पार्किंग फीस अवैध घोषित

जिला उपभोक्ता आयोग रायपुर ने अंबुजा सिटी सेंटर मॉल द्वारा पार्किंग शुल्क वसूली को अवैध ठहराते हुए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Apr 24, 2026 - 15:13
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रायपुर में बड़ा फैसला: अंबुजा सिटी सेंटर मॉल की पार्किंग फीस अवैध घोषित

UNITED NEWS OF ASIA. हसिभ अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता हित से जुड़ा फैसला सामने आया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अतिरिक्त पीठ, रायपुर ने अंबुजा सिटी सेंटर मॉल द्वारा वाहनों से वसूले जा रहे पार्किंग शुल्क को अवैध घोषित कर दिया है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि मॉल प्रबंधन को अब निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

यह फैसला उन हजारों उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, जो मॉल में खरीदारी या अन्य सेवाओं का लाभ लेने के बावजूद पार्किंग शुल्क देने के लिए बाध्य होते थे। आयोग ने माना कि जब ग्राहक मॉल के भीतर विभिन्न दुकानों, रेस्टोरेंट या मनोरंजन सुविधाओं पर खर्च कर रहे हैं, तो उनसे अतिरिक्त पार्किंग शुल्क लेना अनुचित और उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ है।

आयोग के इस निर्णय के पीछे यह तर्क दिया गया कि मॉल परिसर में पार्किंग सुविधा ग्राहकों को आकर्षित करने और सुविधा प्रदान करने के लिए होती है, न कि अतिरिक्त कमाई का माध्यम बनाने के लिए। इस प्रकार की शुल्क वसूली को अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में रखा गया है।


इस मामले में उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने मॉल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क न लिया जाए और पहले से ली गई राशि के मामलों में भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि पार्किंग व्यवस्था व्यवस्थित और सुरक्षित बनी रहे।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अन्य शहरों और मॉल्स के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। यदि इसी प्रकार के मामलों में अन्य उपभोक्ता भी आवाज उठाते हैं, तो देशभर में मॉल पार्किंग शुल्क को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।

इस फैसले का एक व्यापक प्रभाव यह भी हो सकता है कि अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने शुल्क ढांचे की समीक्षा करें और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दें। उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह निर्णय एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

वहीं, आम जनता ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे न्यायपूर्ण बताया है। कई लोगों का कहना है कि मॉल में पहले से ही वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कई प्रकार के शुल्क शामिल होते हैं, ऐसे में अलग से पार्किंग शुल्क लेना उचित नहीं था।

कुल मिलाकर, जिला उपभोक्ता आयोग का यह निर्णय उपभोक्ता हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे न केवल रायपुर के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे देश में उपभोक्ता जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा।