रेंगाखार जलाशय निर्माण से वनांचल किसानों को मिलेगा स्थायी सिंचाई सुविधा – उपमुख्यमंत्री

कबीरधाम जिले के रेंगाखार में 2.24 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे जलाशय और सीसी नहर लाइनिंग का भूमिपूजन उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। परियोजना से 264 हेक्टेयर कृषि भूमि में स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशय से किसानों की आय बढ़ेगी, फसल उत्पादन में सुधार होगा और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। रेंगाखार को पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।

Nov 18, 2025 - 11:27
Nov 18, 2025 - 11:27
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रेंगाखार जलाशय निर्माण से वनांचल किसानों को मिलेगा स्थायी सिंचाई सुविधा – उपमुख्यमंत्री

 UNITED NEWS OF ASIA.  अमृतेश्वर  सिंह, कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने रेंगाखार में 2.24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रेंगाखार जलाशय और सीसी नहर लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने जलाशय और निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस जलाशय के निर्माण से क्षेत्र के हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और 264 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल उत्पादन बढ़ेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।  शर्मा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण नहीं है, बल्कि स्थायी और प्रभावी कार्य करना है जो सीधे किसानों, आदिवासियों और वनांचल के लोगों के जीवन को सुधारें।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि रेंगाखार जलाशय के साथ क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, किसानों को सिंचाई सुविधा मिले और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने किसानों से मुलाकात कर उनकी आवश्यकताओं को समझा और आश्वासन दिया कि शासन-प्रशासन विकास की हर प्रक्रिया में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

किसानों ने इस परियोजना को अपने जीवन में बदलाव के रूप में देखा और कहा कि वर्षों से प्रस्तावित यह कार्य अब साकार हो रहा है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि बारिश पर निर्भर खेती अब उनकी चिंता का विषय नहीं रहेगी, और जलाशय बनने के बाद उनके खेत वर्षभर हरे-भरे रहेंगे तथा फसलें सुरक्षित रहेंगी।