शिक्षा पर ताला, प्रचार पर तिजोरी — 751 आत्मानंद स्कूलों के संकट पर आम आदमी पार्टी का भाजपा सरकार पर हमला
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने प्रदेश के 751 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की बदहाल स्थिति के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि बच्चों की शिक्षा के बजाय सरकार प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA .अमृतेश्वर सिंह , रायपुर | आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने प्रदेश में संचालित 751 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की दयनीय स्थिति के लिए सीधे तौर पर राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा पर निवेश करने के बजाय केवल प्रचार-प्रसार में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और इससे गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
उत्तम जायसवाल ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में 403 अंग्रेजी माध्यम और 348 हिंदी माध्यम सहित कुल 751 आत्मानंद विद्यालय जिला कलेक्टरों के माध्यम से सुचारू रूप से संचालित हो रहे थे और प्रत्येक विद्यालय को प्रतिवर्ष लगभग पांच लाख रुपये का नियमित फंड मिलता था। वर्तमान सरकार द्वारा कई स्कूलों को आधा-अधूरा और अनियमित फंड दिया जा रहा है, जिससे विद्यालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
राजधानी के स्कूल भी बदहाल
उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर जिले में संचालित 36 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई विद्यालयों को बिजली बिल भुगतान के नोटिस मिल चुके हैं। रंग-रोगन, मरम्मत, स्टेशनरी और शैक्षणिक गतिविधियां तक बाधित हो गई हैं। कई स्कूलों को रोजमर्रा के खर्चों के लिए उधार तक लेना पड़ रहा है।
राजनांदगांव: नाम बदला, हालात नहीं
राजनांदगांव के एक हाई स्कूल को आत्मानंद विद्यालय में परिवर्तित किया गया, लेकिन केवल नाम और बोर्ड बदले गए, व्यवस्था नहीं। स्वीकृत शिक्षकों के लगभग आधे पद खाली हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 620 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय को केवल 2.55 लाख रुपये का फंड दिया जा रहा है, जिससे मूलभूत जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।
बस्तर: शिक्षक हैं, पर संसाधन नहीं
बस्तर क्षेत्र के दरभा और चिंगपाल में अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम तथा चितापुर में हिंदी माध्यम से पढ़ाई हो रही है। कमरों की कमी के कारण कई जगह दो पालियों में स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। सरकार भले ही शिक्षकों के पद पूर्ण होने का दावा कर रही हो, लेकिन प्रयोगशालाएं, शैक्षणिक संसाधन और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कई विद्यालयों में एक वर्ष से विद्यार्थियों को ड्रेस तक नहीं मिली है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है, लेकिन न तो ड्रेस पहुंची है और न ही आवश्यक शैक्षणिक सामग्री। कई स्थानों पर स्कूल बंद होने की स्थिति बन रही है, जिससे बच्चों के दाखिले और भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गरीब परिवार निजी स्कूलों की महंगी फीस वहन करने में असमर्थ हैं।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि यदि सरकार के पास प्रचार और आयोजनों के लिए पैसा है, तो बच्चों की शिक्षा के लिए क्यों नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है और प्रदेश को अज्ञानता की ओर धकेल रही है।
उन्होंने मांग की कि सभी आत्मानंद विद्यालयों को तत्काल पर्याप्त और नियमित फंड उपलब्ध कराया जाए, रिक्त शिक्षक पदों को शीघ्र भरा जाए तथा आवश्यक संसाधन और आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और पानी आम जनता का अधिकार है और प्रदेश के बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।