मिल्क चिलिंग सेंटर को बनाया जाए आजीविका का मजबूत माध्यम -कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत महावीरगंज स्थित मिल्क चिलिंग सेंटर का कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने निरीक्षण किया। उन्होंने दुग्ध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, शीतलीकरण और विपणन की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए दुग्ध व्यवसाय को ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय का बेहतर माध्यम बनाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने महिला स्व-सहायता समूहों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन को व्यापक स्तर पर विकसित करने के सुझाव दिए।

Aug 22, 2026 - 17:12
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मिल्क चिलिंग सेंटर को बनाया जाए आजीविका का मजबूत माध्यम -कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l रामचंद्रपुर विकासखंड के महावीरगंज स्थित मिल्क चिलिंग सेंटर का कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर में दूध के संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, शीतलीकरण और आगे भेजने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने समिति के सदस्यों से सेंटर की वर्तमान व्यवस्थाओं, दुग्ध संग्रहण की स्थिति और पशुपालकों से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की।

कलेक्टर ने समिति से जुड़े पशुपालकों और उनके पास उपलब्ध दुधारू पशुओं की संख्या की जानकारी लेते हुए क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और पशुपालकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कर दुग्ध व्यवसाय को ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आय का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है।

कलेक्टर ने दुग्ध व्यवसाय को व्यापक स्तर पर विकसित करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को इससे जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि महिला समूहों की भागीदारी से दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नियमित आय के अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मिल्क चिलिंग सेंटर को केवल दूध संग्रहण और शीतलीकरण तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय लोगों की आजीविका का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। इसके लिए पशुपालकों, महिला स्व-सहायता समूहों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।

कलेक्टर ने मिल्क चिलिंग सेंटर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी और टिकाऊ गतिविधि के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय पशुपालकों को अधिक संख्या में जोड़ने, दुग्ध उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाने और महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित करने से किसानों और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध हो सकता है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। महिला स्व-सहायता समूहों को इस गतिविधि से जोड़ने से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी मजबूत होगी।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, अनुविभागीय अधिकारी आनंद राम नेताम, उप संचालक पशुपालन एस. एस. सेंगर, तहसीलदार मनोज पैंकरा सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कलेक्टर को मिल्क चिलिंग सेंटर की वर्तमान कार्यप्रणाली और दुग्ध संग्रहण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी।