शिक्षकों का मुख्य मुद्दा सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करना, लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति दूर करना और प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर सभी सेवा लाभ प्रदान करना रहा।
इंद्रप्रस्थ स्टेडियम से निकली आक्रोश रैली
मानपुर के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम में आयोजित धरना कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। इसके बाद शिक्षकों की रैली तहसील कार्यालय और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुई। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
ब्लॉक सचिव किशोर साहू ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अचानक TET की अनिवार्यता लागू करना उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने शासन से मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन के अनुसार, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
9 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
फेडरेशन के अनुसार, आंदोलन के तहत 22 अगस्त को विकासखंड स्तर पर प्रदर्शन किया गया है। इसके बाद 29 अगस्त को जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। शिक्षक दिवस तक शासन की ओर से मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बीईओ और तहसीलदार को मुख्यमंत्री तथा स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से TET की अनिवार्यता समाप्त करने, वेतन विसंगति दूर करने और प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी लाभ देने की मांग की गई।
शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में सेवा के दौरान नई अनिवार्यता लागू करना उनके लिए चिंता का विषय है। संगठन ने सरकार से मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की है।
प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष शिवेंद्र यादव, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष यशवंत देशमुख, ब्लॉक सचिव किशोर साहू, ब्लॉक उपाध्यक्ष नवीन ठाकुर, ब्लॉक कोषाध्यक्ष नरेंद्र मानिकपुरी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।