बरझर की जनसुनवाई में विधायक सेना पटेल ने अफसरों से पूछे तीखे सवाल, पानी से आदिवासी जमीन तक उठाए मुद्दे
आलीराजपुर जिले के बरझर में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत आयोजित जनसुनवाई में जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, छात्रावास और आदिवासी जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। विधायक ने नल-जल योजना की जमीनी स्थिति की जांच, सड़क निर्माण में गुणवत्ता, किसानों को समय पर बिजली और आदिवासी जमीन से जुड़े सहमति पत्रों के मामलों में पारदर्शिता की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l आलीराजपुर जिले के बरझर में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत आयोजित जनसुनवाई में जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों के सामने तीखे सवाल उठाए। 10 पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों की मौजूदगी में विधायक ने कहा कि जनसुनवाई केवल आवेदन लेने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। जनसुनवाई में कलेक्टर नीतू माथुर, इंदौर संभाग के आयुक्त, शासन के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विधायक ने पेयजल व्यवस्था को लेकर नल-जल योजना की जमीनी स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव नल से पानी पहुंचाने की बात करती है, लेकिन कई ग्रामीण अब भी नालों और अन्य जलस्रोतों के पानी पर निर्भर हैं। बारिश के दौरान दूषित पानी से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाता है। विधायक ने गांव-गांव पेयजल व्यवस्था का सर्वे कराने और जहां समस्या है वहां तत्काल सुधार की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी विधायक ने कई सवाल उठाए। स्कूलों के परीक्षा परिणाम, छात्रावासों में वार्डन और जरूरी स्टाफ की उपलब्धता, बच्चों की सुरक्षा, भोजन और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। विधायक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता का मुद्दा भी जनसुनवाई में प्रमुखता से उठा। विधायक ने कहा कि कई स्थानों पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और बारिश के बाद सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जहां अनियमितता या घटिया निर्माण मिले, वहां जिम्मेदारी तय करने के साथ भुगतान की भी जांच की जाए।
लंबे समय से लंबित सेजवाड़ा-अंबुआ सड़क का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और संभागायुक्त से सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मार्ग ग्रामीणों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है और इसके निर्माण में हो रही देरी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली व्यवस्था को लेकर विधायक ने पूरे विधानसभा क्षेत्र का सर्वे कराने की मांग रखी। खासतौर पर किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली मिलने से होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया गया। विधायक ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिससे उन्हें रात के समय अंधेरे में खेतों तक जाने की मजबूरी न हो।
जनसुनवाई में आदिवासी जमीन से जुड़ा मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। विधायक सेना महेश पटेल ने प्रशासन से सवाल किया कि जब आदिवासी जमीन की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट बात कही जाती है, तो जमीन से संबंधित प्रस्ताव और सहमति पत्र क्यों मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरपंचों या ग्रामीणों पर जमीन संबंधी सहमति देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। विधायक ने ग्रामीणों से अपील की कि जमीन से जुड़े किसी भी दस्तावेज को पूरी तरह समझे बिना उस पर हस्ताक्षर न करें।
विधायक ने चेतावनी दी कि आदिवासी जमीन के मामलों में ग्रामीणों या सरपंचों पर दबाव जारी रहा तो ग्रामीणों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा। जनसुनवाई में उठाए गए इन मुद्दों के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। पानी, सड़क, बिजली, शिक्षा, छात्रावास और आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों में समाधान कितना जमीन पर दिखाई देता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।