राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले पुणे में ABVP-NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, दो घायल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से एक दिन पहले शिवाजीनगर स्थित COEP कॉलेज के हॉस्टल में ABVP और NSUI से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से एक दिन पहले शिवाजीनगर स्थित COEP कॉलेज परिसर में ABVP और NSUI से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद पुणे का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मारपीट की घटना में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों घायलों को उपचार के लिए संचेती अस्पताल ले जाने की बात कही गई है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के 22 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी सोशल मीडिया गतिविधियों और रील्स बनाने को लेकर छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शुरू हुआ। शुरुआती कहासुनी देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इसके बाद कॉलेज परिसर और हॉस्टल में तनाव की स्थिति बन गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस नेताओं विजय वडेट्टीवार, सतेज पाटील और विश्वजीत कदम के धरने पर बैठने की जानकारी भी सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
मारपीट की घटना में कांग्रेस से जुड़े दो कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। हालांकि घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात को लेकर हुई और झड़प में कौन-कौन लोग शामिल थे।
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पुणे में आयोजित होना है। कार्यक्रम से ठीक पहले कॉलेज परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का प्रयास है कि कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे। राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी भी बढ़ाई गई है।
घटना के बाद पुणे में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना को लेकर विरोध जताया है, वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी अपने दावे सामने रखे जा रहे हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।