रायपुर के ‘काव्य कुंभ’ में शामिल हुए विधायक अनुज शर्मा, कवियों और साहित्यकारों का किया सम्मान

रायपुर के डुंडा-सेजबहार में आयोजित द्वितीय अध्याय ‘काव्य कुंभ’ में विधायक अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेशभर के कवियों और साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया, जबकि अनुज शर्मा ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए कवियों एवं रचनाकारों का सम्मान किया।

Jun 7, 2026 - 13:22
 0  3
रायपुर के ‘काव्य कुंभ’ में शामिल हुए विधायक अनुज शर्मा, कवियों और साहित्यकारों का किया सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के डुंडा-सेजबहार क्षेत्र में आयोजित द्वितीय अध्याय ‘काव्य कुंभ’ साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक भव्य संगम बनकर सामने आया। इस अवसर पर धरसीवाँ विधायक एवं पद्मश्री सम्मानित कलाकार अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए कवियों, साहित्यकारों और कला प्रेमियों ने भाग लिया तथा अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आयोजन समिति एवं स्थानीय नागरिकों ने अनुज शर्मा का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान साहित्य और संस्कृति के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई तथा कविता की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया गया।

अपने संबोधन में अनुज शर्मा ने कहा कि साहित्य और कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का दर्पण हैं। उन्होंने कहा कि कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य करता है और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने ‘काव्य कुंभ’ जैसे आयोजनों को साहित्यिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने का प्रभावी माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि कुंभ का अर्थ केवल लोगों का मिलन नहीं, बल्कि विचारों, भावनाओं और संस्कृति का संगम भी होता है। काव्य कुंभ में शब्दों की शक्ति, भावनाओं की अभिव्यक्ति और माटी की सुगंध का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लें और राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।

कार्यक्रम में देशप्रेम, हास्य-व्यंग्य, सामाजिक सरोकार, समकालीन विषयों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित कविताओं का पाठ किया गया। कवियों की प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा और कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। साहित्य प्रेमियों के लिए यह आयोजन एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

काव्य कुंभ के दौरान अनुज शर्मा ने कहा कि कविता वह मशाल है जो अंधकार में भी मार्ग दिखाने का कार्य करती है। इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज चुनौतियों से घिरा है, तब-तब कवियों और साहित्यकारों की वाणी ने लोगों में नई ऊर्जा और चेतना का संचार किया है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देने की शक्ति रखता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले कवियों और साहित्यकारों का सम्मान किया गया। अनुज शर्मा ने सभी रचनाकारों को स्मृति चिह्न और शॉल भेंटकर सम्मानित किया तथा आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, साहित्य प्रेमी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ‘काव्य कुंभ’ का यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना के संगम के रूप में लंबे समय तक याद किया जाएगा।