अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों के विकास पर संसदीय समिति में मंथन, अध्ययन दौरे में शामिल हुए राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह

ऊटी में आयोजित संसदीय समिति के अध्ययन दौरे में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह शामिल हुए। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

Jun 7, 2026 - 13:14
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अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों के विकास पर संसदीय समिति में मंथन, अध्ययन दौरे में शामिल हुए राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l ऊटी में आयोजित संसदीय समिति के अध्ययन दौरे में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भाग लिया। यह बैठक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर केंद्रित रही। बैठक में इन समुदायों के कल्याण, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया। समिति के सदस्यों ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी हकीकत, लाभार्थियों तक पहुंच और उनके वास्तविक प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही यह भी समीक्षा की गई कि योजनाओं का लाभ लक्षित वर्गों तक किस स्तर तक पहुंच रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

समिति ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया। अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चा में लाभार्थियों की पहचान, योजनाओं की जानकारी का प्रसार, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। इन चुनौतियों के समाधान के लिए कई सुझाव भी सामने आए, जिन पर आगे कार्य करने की सहमति बनी।

बैठक को संबोधित करते हुए देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्रों में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए ताकि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों का वास्तविक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों के आधार पर भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। समिति ने इस बात पर बल दिया कि विकास की प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है, तभी सामाजिक न्याय की अवधारणा को वास्तविक रूप से लागू किया जा सकेगा।

बैठक में संसदीय समिति के अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अन्य सांसदों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, प्रभावी निगरानी और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

अध्ययन दौरे के दौरान प्राप्त निष्कर्षों और सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने पर भी विचार किया गया, ताकि इन समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास को और अधिक गति दी जा सके तथा समावेशी विकास के लक्ष्य को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सके।