बैंक ऑफ इंडिया के किसान समृद्धि उत्सव में 4.20 करोड़ रुपये के ऋण वितरित, किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी
बैंक ऑफ इंडिया के रायपुर अंचल ने किसान माह के तहत किसान समृद्धि उत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम में किसानों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को लगभग 4.20 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। साथ ही कृषि यंत्रीकरण, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य बैंकिंग योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बैंक ऑफ इंडिया के रायपुर अंचल द्वारा किसान माह के अंतर्गत किसान समृद्धि उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, स्वयं सहायता समूहों और कृषि उद्यमियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना, आधुनिक कृषि योजनाओं की जानकारी देना तथा कृषि क्षेत्र में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना रहा। समारोह में बैंक अधिकारियों, कृषि विभाग के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक शारदा भूषण राय, गरियाबंद जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, कृषि विभाग के उप अभियंता सुधीर वर्मा, रायपुर अंचल के आंचलिक प्रबंधक विनय उपकारी तथा उप आंचलिक प्रबंधक सुदीप नियोगी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वागत भाषण में विनय उपकारी ने बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए संचालित विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से बैंक की ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्य महाप्रबंधक शारदा भूषण राय ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की भूमिका आज भी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि देश की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है और यह क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने किसानों से बैंक की ऋण सुविधाओं का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने और समय पर ऋण चुकाकर बेहतर बैंकिंग रिकॉर्ड बनाए रखने की अपील की।
गौरीशंकर कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र लगातार नई तकनीकों को अपनाकर आगे बढ़ रहा है। युवा किसान आधुनिक खेती, कृषि आधारित उद्योगों और नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास में बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग की सराहना की।
कृषि विभाग के उप अभियंता सुधीर वर्मा ने कृषि यंत्रीकरण अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 12 जनपदों में लगभग 1300 कस्टम हायरिंग सेंटर तथा 100 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं, जिनसे छोटे और मध्यम किसानों को आधुनिक मशीनों का लाभ मिल रहा है।
स्टार कृषि विकास केंद्र रायपुर की प्रभारी अमृता कुमारी ने बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न कृषि ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह ऋण, कृषि यंत्रीकरण ऋण, कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर ऋण, कृषि वाहन ऋण और अन्य वित्तीय योजनाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया।
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि किसानों और कृषि उद्यमियों को ऋण वितरण रही। इस दौरान किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े कुल 16 हितग्राहियों को लगभग 4 करोड़ 20 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत कर वितरित किए गए। इससे कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।
समारोह में बैंक की सहायता से स्थापित उद्योगों और उद्यमों द्वारा उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें स्थानीय उत्पादों और कृषि आधारित नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। किसानों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा बैंकिंग सेवाओं से जुड़े सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी किसानों का श्रीफल, उपवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। अंत में उप आंचलिक प्रबंधक सुदीप नियोगी ने सभी अतिथियों, किसानों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। बैंक ऑफ इंडिया ने भविष्य में भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए इसी तरह के जागरूकता एवं वित्तीय सहायता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।