UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले में खाद्य एवं औषधि पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर 15 दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं औषधि सामग्री उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ शासन की थीम “सही दवा, शुद्ध आहार – छत्तीसगढ़ का यही आधार” के तहत चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत मंगलवार 28 अप्रैल को डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने जिला मुख्यालय बालोद में कई प्रतिष्ठानों पर दबिश दी। इस दौरान खाद्य एवं औषधि दुकानों में गुणवत्ता, स्वच्छता और लाइसेंस संबंधी नियमों का गहन निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कैलाश स्टोर्स, गोविंद जनरल स्टोर्स, पूजा श्रृंगार (जवाहर मार्केट), नमो कलेक्शन (मरारापारा), जय कलेक्शन, अग्रवाल सेलेक्शन, बटरफ्लाई स्टोर, नारायण डेली नीड्स और आहुजा कलेक्शन सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इसके अलावा टुवानी मेडिसिन सेंटर, जैन मेडिकल स्टोर्स, साहू मेडिकल स्टोर्स और हर्ष मेडिकल स्टोर्स जैसे औषधि प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान सौंदर्य प्रसाधन सामग्री के दो नमूने जांच के लिए संकलित किए गए।
खाद्य शाखा की टीम ने न्यू बस स्टैंड स्थित गंगोत्री डेली नीड्स, प्रकाश होटल, ठाकुर पान पैलेस, अशोका बिरयानी, साहू जलेबी और विक्की भोजनालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगह अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया। गंगोत्री डेली नीड्स में एक्सपायर्ड ब्रेड मिलने पर उसे तत्काल मौके पर ही नष्ट कराया गया, जो प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है।
इसके अलावा संयुक्त टीम ने पुरानी चौपाटी, घड़ी चौक और कलाकेंद्र क्षेत्र में स्थित ठेला-खोमचा संचालकों की भी जांच की। यहां स्वरूप चाट कॉर्नर, यादव मुंगोड़ी, मनीष चाट, पुष्पाबाई गन्ना रस, गंगा मैया फल वाटिका, नमो चाय नाश्ता, छत्तीसगढ़ साहू होटल, देव फल भंडार, आयुष पान पैलेस, नमन फ्रूट सेंटर, माता रानी कुल्फी, देव सोडा, कृष्णा मोमोस सेंटर और अन्य दुकानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई ठेला संचालकों के पास खाद्य लाइसेंस नहीं पाए गए, जिस पर उन्हें तत्काल लाइसेंस बनवाने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि खाद्य एवं औषधि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि व्यापारियों में भी गुणवत्ता और नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।