राजस्व अभिलेखों में अनियमितता पर पटवारी अंबा उपाध्याय निलंबित, कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई

बेमेतरा में राजस्व अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर पटवारी अंबा उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Jul 22, 2026 - 18:11
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राजस्व अभिलेखों में अनियमितता पर पटवारी अंबा उपाध्याय निलंबित, कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में राजस्व अभिलेखों में अनियमितताओं और शासकीय कार्यों में लापरवाही के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में ग्राम निनवा के पटवारी हल्का क्रमांक-40 की पटवारी अंबा उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बेमेतरा द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है।

जारी आदेश के अनुसार जांच के दौरान यह पाया गया कि ग्राम निनवा स्थित निजी स्वामित्व की भूमि के खसरा क्रमांक 184/1 एवं 184/2 के राजस्व अभिलेखों और नक्शे में सक्षम न्यायालय की अनुमति या आदेश के बिना नियमों के विपरीत फेरबदल किया गया। प्रारंभिक जांच में यह कृत्य छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 115 एवं 116 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।

प्रशासन के अनुसार राजस्व अभिलेखों में बिना वैधानिक अनुमति बदलाव करना गंभीर अनियमितता है। इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बेमेतरा ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत अंबा उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बेमेतरा निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पटवारी हल्का क्रमांक-40 का अतिरिक्त प्रभार पटवारी मेघनाथ वर्मा, हल्का क्रमांक-26 को सौंपा गया है। नए प्रभारधारी पटवारी संबंधित क्षेत्र के राजस्व कार्यों का संचालन करेंगे ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने स्पष्ट किया है कि जिले में शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों की अनदेखी, राजस्व अभिलेखों में अनियमितता या शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं अभिलेखों के आधार पर भूमि संबंधी अधिकार, स्वामित्व और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं संचालित होती हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि आम नागरिकों के हितों पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है।

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमों के उल्लंघन अथवा अनियमितता की शिकायत सही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाना है।