स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त बेमेतरा के लिए तेज होंगे प्रयास, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

बेमेतरा में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आईसीडीएस, स्वास्थ्य और आयुष विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को समयबद्ध और परिणाममूलक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

Jul 22, 2026 - 18:06
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स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त बेमेतरा के लिए तेज होंगे प्रयास, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, कुपोषण और एनीमिया नियंत्रण अभियान में तेजी लाने तथा आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा आयुष विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, प्रभावी और परिणाममूलक कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर लाभ पहुंचे। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान गंभीर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान, उनके उपचार और नियमित निगरानी, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण, एनीमिया नियंत्रण, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु देखभाल तथा पोषण पुनर्वास केंद्रों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से कुपोषित बच्चों का नियमित फॉलोअप करें तथा प्रत्येक प्रकरण की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पूरक पोषण आहार वितरण, बच्चों के नियमित वजन और ऊंचाई मापन, पोषण ट्रैकर एप में समय पर जानकारी दर्ज करने तथा हितग्राहियों के गृह भ्रमण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी सेवाएं गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं और कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सहित विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

आयुष विभाग की समीक्षा में आयुष चिकित्सालयों की कार्यप्रणाली, औषधियों की उपलब्धता, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा गतिविधियों तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। इसलिए इसकी सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें।

बैठक के अंत में विभागवार लक्ष्य और उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग तथा योजनाओं की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। इसके लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।