नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सरोज पाण्डेय का बयान, महिलाओं के भविष्य को लेकर बताया ऐतिहासिक फैसला

रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

Apr 12, 2026 - 11:52
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सरोज पाण्डेय का बयान, महिलाओं के भविष्य को लेकर बताया ऐतिहासिक फैसला

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। रायपुर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पाण्डेय ने इस अधिनियम को भारत के लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया।

डॉ. सरोज पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई राजनीतिक दल इस तरह के विधेयक लेकर आए, लेकिन वे इसे पूरी तरह पारित कराने में सफल नहीं हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा, जो देश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन लाएगा। डॉ. पाण्डेय ने यह भी कहा कि जब संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, तो नीति निर्माण में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अधिनियम आने वाले समय में भारत की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल देगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस अधिनियम का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला है और इससे समाज में महिलाओं की स्थिति और मजबूत होगी।

मंत्री राजवाड़े ने जानकारी दी कि इस अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के 10 लोकसभा क्षेत्रों में प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा 11 से 16 अप्रैल तक संभाग स्तर पर नारी शक्ति सम्मेलन आयोजित होंगे, जिसमें महिला आयोग, अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग सहित कई सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही 15 और 16 अप्रैल को नारी शक्ति पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें महिला जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित महिलाओं की भागीदारी होगी। इस दौरान महिला मोर्चा और युवा मोर्चा द्वारा बाइक रैली का भी आयोजन किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, जनजागरूकता के लिए मिस्ड कॉल नंबर 9667173333 जारी किया गया है और सोशल मीडिया अभियान, ह्यूमन चेन, दीवार लेखन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से इस अधिनियम का प्रचार किया जाएगा। स्थानीय निकायों में भी इस बिल के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, महापौर मीनल चौबे, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडेय, डॉ. किरण बघेल और जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा कृतिका जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व और उसके व्यापक प्रभाव को लेकर एक सशक्त संदेश देने में सफल रही।