दुर्ग नगर निगम के 582 स्वच्छता मित्रों को मिलेगा प्रशिक्षण, नमस्ते योजना के तहत 45 वेस्ट पीकर दीदियों का पहला चरण शुरू

भारत सरकार की नमस्ते योजना के तहत दुर्ग नगर पालिक निगम में कचरा संग्रहण और पृथक्करण का काम करने वाले स्वच्छता मित्रों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। पहले चरण में 31 अक्टूबर से 45 वेस्ट पीकर दीदियों और सफाई मित्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निगम क्षेत्र के कुल 582 स्वच्छता मित्रों को 10 चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, कचरा पृथक्करण, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

Nov 3, 2026 - 18:52
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दुर्ग नगर निगम के 582 स्वच्छता मित्रों को मिलेगा प्रशिक्षण, नमस्ते योजना के तहत 45 वेस्ट पीकर दीदियों का पहला चरण शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l भारत सरकार की महत्वाकांक्षी नमस्ते योजना के तहत दुर्ग नगर पालिक निगम ने कचरा संग्रहण और पृथक्करण का कार्य करने वाले स्वच्छता मित्रों के कौशल विकास और सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य वेस्ट पीकर्स यानी कचरा बीनने वाले श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके सामाजिक सम्मान और व्यावसायिक सुरक्षा को मजबूत करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण 31 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है। इसमें 45 वेस्ट पीकर दीदियों और सफाई मित्रों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 582 स्वच्छता मित्रों को आगामी दिनों में 10 अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। निगम का उद्देश्य है कि सभी पात्र स्वच्छता मित्रों को योजना के प्रावधानों, सुरक्षा उपायों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।

पहचान पत्र के साथ योजनाओं का मिलेगा लाभ

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों का पंजीयन किया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार, पंजीकृत स्वच्छता मित्रों को जल्द ही विशेष पहचान पत्र यानी आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। इन पहचान पत्रों के माध्यम से वे शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे।

प्रशिक्षण में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वरोजगार के लिए पूंजीगत सब्सिडी से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और संबंधित विभागों की योजनाओं के बारे में भी प्रतिभागियों को समझाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वच्छता कार्य से जुड़े लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

कचरा पृथक्करण और सुरक्षा उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम में केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि काम के दौरान सुरक्षा बरतने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। वेस्ट पीकर दीदियों और सफाई मित्रों को कचरे के उचित पृथक्करण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण यानी पीपीई किट के उपयोग और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके साथ ही कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों से बचने और कचरा संग्रहण के दौरान आवश्यक सावधानियां अपनाने की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य सफाई मित्रों को सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए तैयार करना और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जोखिमों को कम करना है।

10 चरणों में पूरा होगा प्रशिक्षण

नगर निगम क्षेत्र के सभी 582 स्वच्छता मित्रों को 10 चरणों में प्रशिक्षण देने की योजना है। पहले चरण में शामिल 45 प्रतिभागियों को पांच दिनों तक विभिन्न विषयों पर जानकारी और व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार, इस कार्यक्रम से स्वच्छता कार्य से जुड़े लोगों को बेहतर कार्यकुशलता, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान निगम स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता और मुख्य प्रशिक्षक सौरभ मिश्रा सहित कैम फाउंडेशन के प्रतिनिधि तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 45 स्वच्छता मित्र उपस्थित रहे। नगर निगम की इस पहल को स्वच्छता कर्मियों के कौशल उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया है।