दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए अभिषेक बोरकर, असंगठित श्रमिकों के मुद्दों को उठाया

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आयोजित हुई। इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर शामिल हुए और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने श्रमिकों के पारदर्शी पंजीयन, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और संगठन को जिला एवं ब्लॉक स्तर तक मजबूत बनाने के सुझाव भी दिए।

Nov 3, 2026 - 18:44
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दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए अभिषेक बोरकर, असंगठित श्रमिकों के मुद्दों को उठाया

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली l नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में 2 नवंबर 2026 को असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रदेश अध्यक्षों, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं, उनके अधिकारों तथा कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर चर्चा

बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की वर्तमान स्थिति, रोजगार की चुनौतियों, न्यूनतम मजदूरी, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषय प्रमुखता से उठाए गए। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में अपने विचार रखते हुए अभिषेक बोरकर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास की नींव श्रमिकों के परिश्रम पर टिकी है। निर्माण कार्य, औद्योगिक इकाइयों, कृषि, परिवहन और घरेलू कामकाज सहित विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ों श्रमिक अपना योगदान देते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में असंगठित कामगार उचित पारिश्रमिक, स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

पारदर्शी पंजीयन और योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सुझाव

अभिषेक बोरकर ने सुझाव दिया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का व्यापक और पारदर्शी पंजीयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही श्रमिकों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक प्रक्रियाओं और बाधाओं के सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, पेंशन, बच्चों की शिक्षा और महिला श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना भी जरूरी है, ताकि वे सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।

संगठन को जिला और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने पर जोर

बैठक में संगठनात्मक विस्तार का विषय भी चर्चा में रहा। बोरकर ने सुझाव दिया कि असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश, जिला, ब्लॉक और औद्योगिक क्षेत्रों तक मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रत्येक राज्य में श्रमिकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने, उनकी वास्तविक समस्याओं का संकलन करने और समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, संगठन का उद्देश्य केवल पदों और समितियों तक सीमित न रहकर अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक को अधिकार, सम्मान और न्याय दिलाना होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी

बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व और विभिन्न प्रदेशों के पदाधिकारियों ने भी श्रमिक हितों से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव रखे। संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों और श्रमिकों के बीच जनसंपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई।

अभिषेक बोरकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों और औद्योगिक क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की योजना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से असंगठित कामगारों और कर्मचारियों के हितों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।