पीएम मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को दी मंजूरी, दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में होगा पूरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी को जोड़ते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से आगरा की यात्रा 59 मिनट और दिल्ली से वाराणसी का सफर करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। निर्माण में स्वदेशी तकनीक और भारतीय श्रमिकों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।

Nov 1, 2026 - 12:29
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पीएम मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को दी मंजूरी, दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में होगा पूरा

UNITED NEWS OF ASIA. भारत में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित परियोजना के पूरा होने के बाद देश के कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से आगरा का सफर महज 59 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना को देश के परिवहन ढांचे में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन का नॉर्थ कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी को जोड़ेगा। यह कॉरिडोर आगे गुवाहाटी तक जाएगा। इसके माध्यम से उत्तर भारत के कई महत्वपूर्ण शहर हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। रेल मंत्री के अनुसार, इस परियोजना से यात्रियों को लंबी दूरी कम समय में तय करने की सुविधा मिलेगी और शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा।

प्रस्तावित यात्रा समय के मुताबिक, दिल्ली से आगरा की दूरी बुलेट ट्रेन से 59 मिनट में तय की जा सकेगी। वहीं दिल्ली से कानपुर पहुंचने में करीब 1 घंटा 45 मिनट और दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में 2 घंटे 12 मिनट लगेंगे। लखनऊ से वाराणसी की यात्रा लगभग 1 घंटा 21 मिनट में पूरी हो सकेगी। इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी का सफर करीब 3 घंटे 35 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। इन समय अनुमानों के आधार पर बुलेट ट्रेन से यात्रियों को सड़क और पारंपरिक रेल यात्रा की तुलना में तेज विकल्प मिल सकता है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हिस्सा है। इसका लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं, मध्यम आय वर्ग और छोटे उद्योगों से जुड़े कारीगरों को भी मिलेगा। उन्होंने निर्माण कार्य में स्वदेशी तकनीक और स्थानीय कौशल के इस्तेमाल पर जोर दिया। उनके मुताबिक, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पिलर से लेकर गार्डर तक भारत में तैयार किए जाएंगे। इस परियोजना को पूरी तरह 'मेक इन इंडिया' की भावना के अनुरूप विकसित करने की बात कही गई है। निर्माण कार्य में भारतीय युवाओं और वेल्डरों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

रेल मंत्री ने यह जानकारी वाराणसी और नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाने से पहले दी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन का उद्देश्य देश के परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाना और यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराना है।

इसी दौरान उत्तर प्रदेश में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया गया। जानकारी के अनुसार, राज्य के 157 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर डिजाइन के साथ विकसित किया गया है। काशी में बने अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन को शहर की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर तैयार किए जाने की बात कही गई।

हालांकि, नॉर्थ कॉरिडोर के निर्माण, संचालन और यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने की विस्तृत समय-सीमा जैसी जानकारियां सामने आना अभी बाकी हैं। फिलहाल इस परियोजना की मंजूरी को देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसकी प्रगति और निर्माण संबंधी घोषणाओं पर यात्रियों और उद्योग जगत की नजर रहेगी।