भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने के मुद्दे पर बांग्लादेश में विवाद, विपक्षी नेता नाहिद इस्लाम ने तारिक रहमान सरकार को दी चेतावनी
बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता नाहिद इस्लाम ने भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की किसी भी कोशिश का विरोध किया है। ढाका में एक रैली के दौरान उन्होंने तारिक रहमान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बांग्लादेश की जमीन से भारत को कॉरिडोर देने का फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने 12 दिसंबर को समाप्त हो रहे गंगा जल समझौते के नवीनीकरण में बांग्लादेश के हितों को प्राथमिकता देने की मांग भी की।
UNITED NEWS OF ASIA. बांग्लादेश में भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने के मुद्दे पर राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता नाहिद इस्लाम ने अपनी सरकार को चेतावनी दी है कि देश की जमीन से होकर भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए, जिससे देश के हित प्रभावित हों। नाहिद इस्लाम ने यह बयान शुक्रवार को ढाका में आयोजित एक रैली के दौरान दिया।
स्थानीय मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया कि जापान एक बार फिर बांग्लादेश के रास्ते क्षेत्रीय कॉरिडोर बनाने की कोशिश कर रहा है और सरकार इस प्रस्तावित व्यवस्था को भारत के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जमीन भारत को किसी भी प्रकार के ट्रांजिट कॉरिडोर के लिए नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इस कथित प्रस्ताव को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 26 से 29 अक्टूबर तक जापान का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को साझा समृद्धि के क्षेत्र के रूप में विकसित करने और बांग्लादेश को क्षेत्रीय हब बनाने की दिशा में सहयोग पर सहमति की बात सामने आई थी। इसी संदर्भ में बांग्लादेश में प्रस्तावित क्षेत्रीय संपर्क और ट्रांजिट व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। नाहिद इस्लाम ने इस तरह की किसी भी व्यवस्था पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है।
नाहिद इस्लाम ने केवल ट्रांजिट कॉरिडोर ही नहीं, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल समझौते को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को समाप्त होने जा रहे गंगा जल समझौते के नवीनीकरण के दौरान बांग्लादेश को उसके हिस्से का उचित पानी मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी नए समझौते में बांग्लादेश के जल हितों और आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौते को नए सिरे से तैयार करते समय बांग्लादेश के हितों की अनदेखी की गई, तो लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतर सकते हैं। गंगा जल बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में समझौते के नवीनीकरण को लेकर बांग्लादेश की राजनीति में चर्चा तेज होने की संभावना है।
गौरतलब है कि जिस रैली में नाहिद इस्लाम ने ये बयान दिए, उसका मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद और बिजली, ऊर्जा एवं खनिज संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद टुकू के इस्तीफे की मांग करना भी था। इस तरह रैली में सरकार की नीतियों, क्षेत्रीय संपर्क और भारत के साथ जल बंटवारे जैसे मुद्दे उठाए गए।
नाहिद इस्लाम के बयानों से साफ है कि भारत के साथ ट्रांजिट और गंगा जल समझौते को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक बहस जारी है। आने वाले समय में इन मुद्दों पर तारिक रहमान सरकार का रुख और भारत-बांग्लादेश के बीच होने वाली बातचीत अहम मानी जाएगी।