कोण्डागांव में विद्यार्थियों की लगी साइबर जागरूकता क्लास, पुलिस ने बताए ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कोण्डागांव पुलिस ने महात्मा गांधी वार्ड स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, OTP और UPI धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। साथ ही साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करने की जानकारी दी।

Nov 2, 2026 - 15:09
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कोण्डागांव में विद्यार्थियों की लगी साइबर जागरूकता क्लास, पुलिस ने बताए ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। महात्मा गांधी वार्ड स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित इस साइबर जागरूकता क्लास में विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों से परिचित कराना तथा डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने के लिए प्रेरित करना रहा।

यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा (IPS) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा और उप पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। अधिकारियों ने बताया कि आज इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, APK फाइल, OTP और UPI से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। कभी इनाम या नौकरी का लालच दिया जाता है, तो कभी बैंक, पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराया जाता है। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को वीडियो कॉल के जरिए डराकर पैसे ऐंठने की कोशिश भी की जाती है।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर बातचीत करते समय सतर्क रहें। अपनी निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और OTP किसी के साथ साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या बिना जांचे APK फाइल डाउनलोड करने से बचें। ऑनलाइन गेम खेलते समय भी किसी अज्ञात व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी या भुगतान से जुड़ी गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए।

साइबर बुलिंग और ब्लैकमेलिंग के मामलों पर भी विशेष रूप से समझाइश दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को सोशल मीडिया पर धमकी, ब्लैकमेलिंग, अनुचित संदेश या किसी अन्य प्रकार की ऑनलाइन प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी देना जरूरी है। साथ ही संबंधित चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई, ताकि शिकायत की जांच में मदद मिल सके।

कार्यक्रम में साइबर ठगी होने पर तुरंत कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी बताई गई। विद्यार्थियों को जानकारी दी गई कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

कोण्डागांव पुलिस का यह जागरूकता अभियान विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक प्रयास है। पुलिस द्वारा ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को साइबर अपराधों की पहचान करने, सावधानी बरतने और किसी भी घटना की समय पर शिकायत करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।