झारखंड में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ 2 नवंबर से शुरू, पहले चरण में 6 जिलों में होंगे कार्यक्रम
झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ 2 नवंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। दीपावली से पहले पहले चरण में रांची, गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका में पदयात्रा आयोजित की जाएगी। पार्टी ने कार्यक्रमों के लिए जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है। भाजपा ने अभियान को मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता की पहल बताया है, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ की शुरुआत 2 नवंबर 2026 से होने जा रही है। दीपावली से पहले अभियान के पहले चरण में राज्य के छह जिलों में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद छठ महापर्व के पश्चात शेष जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा ने अभियान की तैयारियों को लेकर जिलावार प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी के अनुसार, प्रत्येक जिले में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग इस पदयात्रा में शामिल होंगे।
भाजपा महामंत्री मनोज सिंह ने बताया कि 2 नवंबर को रांची में आयोजित होने वाली पदयात्रा की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। वहीं, 3 नवंबर को गिरिडीह में होने वाले कार्यक्रम के लिए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग के कार्यक्रम के लिए पूर्व विधायक बिरंची नारायण को प्रभारी बनाया गया है।
इसी क्रम में 4 नवंबर को पलामू में आयोजित पदयात्रा की जिम्मेदारी प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा को दी गई है। जबकि 5 नवंबर को जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा कार्यक्रम का नेतृत्व और समन्वय करेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अपने अभियान को आगे बढ़ाएगी।
भाजपा महामंत्री मनोज सिंह के अनुसार, इस पदयात्रा का उद्देश्य कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना है। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी। भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। पार्टी ने अभियान के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था, स्थिरता, सुशासन और विकास से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच रखने की बात कही है।
हालांकि, भाजपा के इस अभियान को लेकर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। झारखंड कांग्रेस के महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा की प्रस्तावित पदयात्रा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि जिस पार्टी पर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और जनादेश का सम्मान नहीं करने के आरोप लगते रहे हैं, उसे लोकतंत्र बचाने की बात नहीं करनी चाहिए।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को अस्थिर करने, केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल और जनादेश से जुड़े मुद्दों पर भाजपा की भूमिका सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र बचाओ के बजाय लोकतंत्र मिटाओ अभियान चलाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने पदयात्रा के उद्देश्य और भाजपा की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए।
इस तरह भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ शुरू होने से पहले ही राज्य में सियासी बहस तेज हो गई है। एक ओर भाजपा इसे मतदाता सूची की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता अभियान बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक दिखावा करार दे रही है।
पहले चरण में छह जिलों में होने वाले कार्यक्रमों के बाद छठ महापर्व के पश्चात अन्य जिलों में भी पदयात्रा आयोजित करने की योजना है। अब इस अभियान के दौरान भाजपा किन मुद्दों को जनता के बीच उठाती है और कांग्रेस की ओर से इसका क्या जवाब दिया जाता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।