बेमेतरा जिला स्तरीय राज्योत्सव में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं, सांसद विजय बघेल ने विद्यार्थियों और उत्कृष्ट विभागों को किया सम्मानित
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने प्रदेश और जिले में संचालित विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू और कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, जल संरक्षण और युवाओं की भागीदारी पर अपने विचार रखे। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभागीय प्रदर्शनियों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा विभागों को सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. बेमेतरा l छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर बेमेतरा जिले के बेसिक स्कूल मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद विजय बघेल ने जिलेवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश और बेमेतरा जिले में संचालित विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और मेहनतकश लोगों से है। राज्य स्थापना के बाद प्रदेश ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव केवल स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को याद करने का अवसर भी है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और नियद नेल्लानार जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बेमेतरा जिले में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और अधोसंरचना के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को भी महत्वपूर्ण बताया।
शिक्षा और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक दीपेश साहू ने कहा कि बेमेतरा जिले में शिक्षा, सिंचाई, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने, किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने की अपील की।
विधायक ईश्वर साहू ने राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
जल संरक्षण और जनभागीदारी पर प्रशासन का जोर
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले में संचालित विकास कार्यों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास के साथ जल संरक्षण तथा जनभागीदारी आधारित गतिविधियों पर भी काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
राज्योत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा दिखाई। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों और स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं, विकास कार्यों और विभागीय गतिविधियों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई गई।
समारोह के अंत में सांसद विजय बघेल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और विभागीय स्टॉल प्रदर्शनी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमा जय दिवाकर, अजय साहू सहित विभिन्न निकायों के जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विकास यात्रा के साथ आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया।