दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में सेवा का संकल्प, शिविरों में एक ही स्थान पर मिली कई सुविधाएं

दुर्ग और उत्तर बस्तर कांकेर जिले में आयोजित मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को कई शासकीय सेवाओं और योजनाओं से जोड़ा गया। शिविरों में मूल्यांकन-चिन्हांकन, मेडिकल प्रमाण पत्र, UDID कार्ड, पेंशन संबंधी कार्यवाही और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया एक ही स्थान पर की गई, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे हितग्राहियों को सुविधा मिली।

Sep 22, 2026 - 13:30
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दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में सेवा का संकल्प, शिविरों में एक ही स्थान पर मिली कई सुविधाएं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं, सुविधाएं और शासन की योजनाओं का लाभ सहज एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दुर्ग और उत्तर बस्तर कांकेर जिले में आयोजित मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सेवाओं और योजनाओं से जोड़ा गया। शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को जरूरी प्रक्रियाओं और सुविधाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना तथा उन्हें एक ही स्थान पर अधिक से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।

दुर्ग जिले में जनपद पंचायत धमधा स्थित अंबेडकर भवन में मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों का आवश्यक मूल्यांकन और चिन्हांकन किया गया। पात्र हितग्राहियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा सहायक उपकरणों का लाभ दिलाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी और पात्रता से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया, ताकि हितग्राही उपलब्ध सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आगे की प्रक्रिया समझ सकें।

उत्तर बस्तर कांकेर जिले में भी दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर आयोजित किए गए। कोयलीबेड़ा, पखांजूर और बांदे जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे दिव्यांग हितग्राहियों को शिविर में कई आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। यहां तत्काल मेडिकल प्रमाण पत्र और यूडीआईडी यानी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया की गई। इसके अलावा राशन कार्ड और बस पास से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। पेंशन योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों के लिए आवश्यक कार्यवाही भी शिविर के माध्यम से की गई।

शिविर के दौरान 6 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इनमें व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल और बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल शामिल हैं। सहायक उपकरण मिलने से हितग्राहियों को दैनिक गतिविधियों और आवागमन में सुविधा मिलने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में सहयोग मिलेगा। सुविधाएं प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया।

इन शिविरों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि दिव्यांगजनों को अलग-अलग सेवाओं के लिए विभिन्न कार्यालयों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर कई प्रक्रियाओं और सुविधाओं का लाभ मिला। मूल्यांकन और चिन्हांकन से लेकर मेडिकल प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, पेंशन संबंधी कार्यवाही तथा सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तक की सेवाओं को एकीकृत तरीके से संचालित किया गया। इससे विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले हितग्राहियों को समय और श्रम की बचत के साथ आवश्यक जानकारी और सहायता प्राप्त हुई।

दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने वाली यह पहल सेवा की उस भावना को मजबूत करती है, जिसमें पात्र लोगों तक शासन की सुविधाएं आसान तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को अधिकारों और योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इस तरह की सेवाएं दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण, सुविधा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोगी भूमिका निभा सकती हैं।