गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गामावाड़ा जामपारा स्कूल के बच्चों को फिरोज़ नवाब ने वितरित किए जूते-मोज़े
दंतेवाड़ा जिले के गामावाड़ा जामपारा स्थित ग्रामीण स्कूल में जनसेवक फिरोज़ नवाब ने जनसहयोग से प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल के बच्चों को जूते-मोज़े वितरित किए। इस अवसर पर बच्चों को भारतीय ध्वज भेंट कर गणतंत्र दिवस का महत्व भी समझाया गया।
UNITED NEWS OF ASIA.नविन चौधरी, दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के बचेली क्षेत्र अंतर्गत गामावाड़ा जामपारा स्थित ग्रामीण स्कूल में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर एक सराहनीय सामाजिक पहल देखने को मिली। समाजसेवा के क्षेत्र में सदैव सक्रिय रहने वाले जनसेवक एवं पूर्व पार्षद फिरोज़ नवाब ने जनसहयोग से प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राओं को जूते एवं मोज़े का वितरण किया।
जानकारी के अनुसार, फिरोज़ नवाब को यह जानकारी मिली थी कि जामपारा स्कूल के लगभग 80 प्रतिशत बच्चे नंगे पैर ही विद्यालय आते हैं। यह जानकर उन्होंने इन ग्रामीण बच्चों के लिए कुछ करने का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने जनसहयोग के माध्यम से आवश्यक संसाधन जुटाए और बच्चों को जूते-मोज़े उपलब्ध कराए।
इस पुनीत कार्य में सेवानिवृत्त शिक्षिका एलिजाबेथ लाल, पी.एल. कलिहारी, देवेंद्र प्रताप, जनाब शराफत हुसैन, सुनील शार्दुल, मोहित तोमर एवं गौरव शर्मा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। सभी सहयोगकर्ताओं के योगदान से यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
गौरतलब है कि फिरोज़ नवाब इससे पूर्व भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने अपनी पुत्री आरज़ू के जन्मदिन के अवसर पर डी.एन.के. स्कूल के समस्त विद्यार्थियों को अपने खर्च पर जूते पहनाए थे, जिसके लिए उन्हें बचेली क्षेत्र में व्यापक सराहना मिली थी।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर फिरोज़ नवाब ने अपनी पत्नी शबाना परवीन के साथ स्वयं की कार से स्कूल पहुंचकर बच्चों को जूते-मोज़े वितरित किए। इसके साथ ही उन्होंने सभी बच्चों को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज भी भेंट किया और गणतंत्र दिवस के महत्व, देशभक्ति एवं नागरिक कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर ग्राम गामावाड़ा के सरपंच सुनील भास्कर की उपस्थिति विशेष रही। साथ ही जामपारा स्कूल की प्रधान अध्यापिका नूरजहां बानो, शिक्षक बी. प्रदीप कुमार, आरती भास्कर, संगीता बघेल, संगीता नेताम, दीपिका कुंजाम एवं राजो भास्कर भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों एवं विद्यालय स्टाफ ने फिरोज़ नवाब की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।