जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022-23 में कटबितला पंचायत में तीन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन स्वीकृति के दो साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य की धीमी गति और रुक-रुक कर किए जा रहे काम ने इसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। कई बार काम शुरू होता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर बंद हो जाता है, जिससे निर्माण कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है।
आंगनबाड़ी भवन के अभाव में बच्चों और कार्यकर्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र कभी पंचायत भवन, तो कभी किराए की परछी या अन्य अस्थायी स्थानों पर संचालित किए जा रहे हैं। इससे बच्चों को मिलने वाली प्रारंभिक शिक्षा और पोषण आहार वितरण की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भवन नहीं होने के कारण इन केंद्रों की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम किया जा रहा है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि यदि निर्माण पूरा भी हुआ, तो वह लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेगा।
बताया जा रहा है कि यह निर्माण कार्य ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच के कार्यकाल में स्वीकृत हुआ था। हालांकि अब सरपंच बदल चुका है, लेकिन अधूरा काम अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजनाओं की निरंतर निगरानी और जवाबदेही में कहीं न कहीं कमी है।
गांव के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर दोषी एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर गांव के बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। आंगनबाड़ी जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों का अधूरा रहना न केवल विकास कार्यों की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।