जिला अस्पताल बैकुंठपुर में जांच के नाम पर संविदा कर्मचारी द्वारा अवैध वसूली
जिला अस्पताल बैकुंठपुर में जांच के नाम पर संविदा कर्मचारी और सहयोगी द्वारा मरीजों से अवैध वसूली की शिकायत सामने आई है। परिजनों ने कलेक्टर कोरिया से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर,कोरिया | बैकुंठपुर, कोरिया – प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में आम जनता को राहत देने के लिए कई निःशुल्क सुविधाएं जिला अस्पतालों में उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन जिला अस्पताल बैकुंठपुर में इन सुविधाओं के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। मरीजों और उनके परिजनों के अनुसार, जांच के नाम पर संविदा कर्मचारी राधेश्याम चौरसिया और उनके सहयोगी आकाश गुप्ता अवैध वसूली कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी आशीष जायसवाल ने अपनी मां की जांच के दौरान हुई वसूली की शिकायत कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी को लिखित रूप में की है। उनके अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को मां की पैथोलॉजी जांच के लिए लैब में जाने पर संविदा कर्मचारी और उनके सहयोगी ने 600 रुपये की मांग की। पैसा न देने पर रिपोर्ट नहीं दी गई और केवल पैसे मिलने के बाद 17 दिसंबर 2025 को रिपोर्ट प्रदान की गई।
आरोप है कि जिला अस्पताल में जो जांच उपलब्ध नहीं है, उसकी रिपोर्ट भी बाहर की संस्था, रायपुर स्थित वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर लिमिटेड के माध्यम से डिजिटल साइन युक्त रिपोर्ट के रूप में दी जा रही है। इसके साथ ही लैब में केमिकल खरीदी के माध्यम से भी कमीशनखोरी का आरोप है।
मरीजों और परिजनों का कहना है कि इस तरह की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार से न केवल आम जनता का आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भरोसा घट रहा है। इस पूरे मामले में अस्पताल के सिविल सर्जन और अधीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
आशीष जायसवाल ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि संविदा कर्मचारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच और वसूली के मामलों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है ताकि मरीज और उनके परिजन सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नकारात्मक अनुभव के बिना ले सकें।
यह मामला जिले में स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही और प्रशासनिक निगरानी की कमी को उजागर करता है। कलेक्टर कोरिया द्वारा जल्द जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।