कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा विनोद श्रीवास्तव तथा सहायक कार्यक्रम अधिकारी एवं समावेशी शिक्षा प्रभारी राकेश चंद्रवंशी के नेतृत्व में किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समावेशी शिक्षा के महत्व को समझाना तथा दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को दिव्यांगजनों से संबंधित अधिकारों, शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्रों में दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध सहायक उपकरण, छात्रवृत्ति, पेंशन योजनाएं और अन्य शासकीय सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही यह भी समझाया गया कि किस प्रकार समावेशी शिक्षा के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ समान अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के अनुभवी मास्टर ट्रेनरों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। इनमें नरेश कुमार सोनी, श्रीमती रेशमा मेश्राम, विनोद पुरी गोस्वामी, होम बाई साहू, गायत्री प्रसाद साहू, राजनारायण साय और देवकुमार साहू शामिल रहे। इन प्रशिक्षकों ने समावेशी शिक्षा की अवधारणा, व्यवहारिक पहलुओं और शिक्षण पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला के सफल आयोजन में बीआरसी कवर्धा के एल. साहू तथा कवर्धा विकासखंड के सहायक शिक्षा अधिकारी अजय चंद्रवंशी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने तीनों दिनों तक सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रतिभागियों को समावेशी शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और उन्हें व्यवहारिक सुझाव भी दिए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके लिए संचालित योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी साबित होती हैं। इससे शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की विशेष जरूरतों को समझने और उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
इस पहल से जिले में समावेशी शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और बेहतर भविष्य मिल सकेगा।