भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर होने के कारण इस वर्ष महोत्सव के आयोजन स्थल में परिवर्तन किया गया है। आयोजन समिति और प्रशासन ने महोत्सव की परंपरा को बनाए रखने के लिए कार्यक्रम स्थल को बदलते हुए ग्राम छपरी में आयोजन करने का निर्णय लिया है।
इस वर्ष आयोजित होने वाले महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और भारतीय शास्त्रीय कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध जगराता और लोकगीत गायक दिलीप षडंगी अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। वे अपने जगराता, भजन और लोकगीतों के माध्यम से दर्शकों को भक्ति और लोकसंगीत के रंग में सराबोर करेंगे। उनकी प्रस्तुति इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण मानी जा रही है।
भोरमदेव महोत्सव के सांस्कृतिक मंच को विविध रंगों से सजाने के लिए कई अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भरतनाट्यम और कथक जैसे भारतीय शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही बैगा जनजाति का पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा, जो क्षेत्र की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगा।
महोत्सव के दौरान भजन गायन और लोकगीतों की प्रस्तुतियां भी होंगी, जिनके माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस मंच पर स्थानीय और अंचल के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र के कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय कला को भी बढ़ावा मिलेगा।
भोरमदेव महोत्सव को लेकर जिले के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंच है, बल्कि क्षेत्र की परंपराओं, कला और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रशासन द्वारा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का आनंद ले सकें।
हर वर्ष की तरह इस बार भी भोरमदेव महोत्सव क्षेत्र के लोगों के लिए सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेकर सामने आएगा, जहां लोकगीत, नृत्य और भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी।