पाकिस्तान में प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान को कथित तौर पर उठाए जाने से हड़कंप, PTI ने मांगी जवाबदेही
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान को कथित तौर पर हथियारबंद लोगों द्वारा उठाए जाने का मामला सामने आया है। PTI ने आरोप लगाया है कि नकाबपोश लोगों ने उनकी गाड़ी को रोककर उन्हें अपने साथ ले गए। घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि मामले को लेकर गिरफ्तारी और अपहरण के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में भी इस घटना को लेकर चर्चा हुई और मामले में जवाबदेही की मांग उठी।
UNITED NEWS OF ASIA. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में प्रांतीय मंत्री फजल शकूर खान से जुड़े एक घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की ओर से आरोप लगाया गया है कि मंत्री को हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने कथित तौर पर उनकी गाड़ी रोककर अपने साथ ले लिया। घटना के बाद PTI नेताओं ने मामले में जवाबदेही की मांग की है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में घटना को लेकर अपहरण और गिरफ्तारी दोनों तरह के दावे सामने आए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार फजल शकूर खान सोमवार को पेशावर स्थित एमपीए हॉस्टल से मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर कुछ लोगों ने अपने साथ ले लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि इसमें सादे कपड़ों में कुछ लोग मंत्री की गाड़ी को रोकते दिखाई दे रहे हैं। घटना के वास्तविक घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की पहचान को लेकर अभी आधिकारिक स्तर पर पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
घटना को लेकर PTI नेताओं का कहना है कि प्रांतीय नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए। PTI के अध्यक्ष गोहर खान ने भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों का मुद्दा उठाया है।
इस मामले पर खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में भी चर्चा हुई। विधानसभा में प्रांतीय कानून मंत्री आफताब आलम ने फजल शकूर को उठाए जाने की बात कही और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती ने भी हाल के घटनाक्रमों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए और संस्थानों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
इस घटनाक्रम से एक दिन पहले PTI ने प्रांतीय मंत्री शकील खान को कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश का आरोप भी लगाया था। हालांकि उस मामले में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घटना के संबंध में अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। Dawn की रिपोर्ट में बताया गया कि शकील खान के सुरक्षा गार्डों और एक संदिग्ध वाहन से जुड़े घटनाक्रम के बाद मामला दर्ज करने की प्रक्रिया की बात सामने आई थी।
फजल शकूर खान से जुड़े मामले में सामने आए वीडियो और सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि सभी पहलुओं पर नहीं हुई है। वहीं खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में घटना को लेकर हुई चर्चा से यह स्पष्ट है कि मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी उठ चुका है। अधिकारियों की जांच और दर्ज मामलों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस बीच पाकिस्तान में PTI का 27 सितंबर को प्रस्तावित मार्च भी राजनीतिक तनाव का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। पार्टी की ओर से मार्च जारी रखने की बात कही गई है, जबकि सरकार ने इसे लेकर अलग रुख अपनाया है। ऐसे माहौल में फजल शकूर खान से जुड़ा घटनाक्रम खैबर पख्तूनख्वा की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में सामने आया है।