सक्ती में फसल गिरदावरी को लेकर राजस्व पटवारियों ने उठाई आवाज, पीवी ऐप के निर्देश पर जताई व्यावहारिक दिक्कतें

सक्ती जिले में फसल गिरदावरी 2026-27 को लेकर राजस्व पटवारी संघ ने शासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। जिला अध्यक्ष की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया गया कि 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक गिरदावरी का कार्य निर्धारित है। पटवारियों का कहना है कि 18 सितंबर को पीवी ऐप के माध्यम से गिरदावरी करने के निर्देश जारी होने के बाद मैदानी स्तर पर कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं।

Sep 22, 2026 - 12:04
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सक्ती में फसल गिरदावरी को लेकर राजस्व पटवारियों ने उठाई आवाज, पीवी ऐप के निर्देश पर जताई व्यावहारिक दिक्कतें

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती। जिले में फसल गिरदावरी 2026-27 को लेकर राजस्व पटवारी संघ ने अपनी आवाज शासन-प्रशासन के सामने उठाई है। राजस्व पटवारी संघ सक्ती के जिला अध्यक्ष की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फसल गिरदावरी की प्रक्रिया से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं और मैदानी स्तर पर आ रही दिक्कतों की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया है। पटवारियों ने प्रशासन से इन समस्याओं का निराकरण किए जाने की मांग की है, ताकि निर्धारित समय सीमा में गिरदावरी का कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

ज्ञापन में बताया गया है कि फसल गिरदावरी 2026-27 का कार्य 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। इस अवधि में राजस्व पटवारियों द्वारा डीसीएस और ऑनलाइन माध्यम से फसल गिरदावरी का कार्य किया जा रहा है। पटवारियों का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वे अपने स्तर पर गिरदावरी का कार्य पूरा करने में जुटे हुए हैं, लेकिन 18 सितंबर 2026 को पीवी ऐप के माध्यम से फसल गिरदावरी करने के संबंध में नए निर्देश जारी होने के बाद मैदानी स्तर पर कई तरह की व्यावहारिक परेशानियां सामने आई हैं।

राजस्व पटवारी संघ का कहना है कि फसल गिरदावरी का काम सीधे किसानों की फसलों और खेतों से संबंधित है। ऐसे में किसी भी तकनीकी माध्यम या नए ऐप के जरिए सर्वेक्षण की प्रक्रिया लागू करने से पहले उसके संचालन, तकनीकी व्यवस्था और मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। पटवारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि अचानक नई व्यवस्था लागू होने से पहले से चल रहे कार्यों के साथ समन्वय बनाने में कठिनाई हो रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी और तकनीकी संसाधनों से जुड़ी समस्याएं भी कार्य की गति को प्रभावित कर सकती हैं।

पटवारियों के अनुसार फसल गिरदावरी का रिकॉर्ड किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। फसल की स्थिति और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं, फसल बीमा तथा अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ मिलने में मदद मिलती है। इसलिए गिरदावरी के आंकड़ों में किसी तरह की त्रुटि न हो, इसके लिए मैदानी स्तर पर पर्याप्त समय और स्पष्ट प्रक्रिया उपलब्ध होना जरूरी है।

राजस्व पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में शासन स्तर से जारी निर्देशों पर पुनर्विचार करते हुए पटवारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। संघ का कहना है कि तकनीकी माध्यम से गिरदावरी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग और स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे किसानों के हित प्रभावित न हों और निर्धारित समय सीमा में फसल गिरदावरी का कार्य भी व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।

फिलहाल फसल गिरदावरी को लेकर राजस्व पटवारी संघ द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के बाद अब पटवारियों की बताई गई समस्याओं पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन उनकी व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक समाधान उपलब्ध कराएगा।