अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना करीब 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक स्पॉट गोल्ड करीब 0.6 प्रतिशत गिरकर 4,302.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा, जबकि दिसंबर डिलीवरी वाला Gold Futures भी करीब 1.1 प्रतिशत नीचे रहा। चांदी में भी लगभग 0.9 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का असर घरेलू बाजार की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।
भारत में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2 सितंबर की सुबह 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,52,160 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। पिछले सप्ताह की तुलना में इसमें लगभग 5.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 999 शुद्धता वाली चांदी करीब 2,34,780 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बताई गई। घरेलू Commodity Market यानी MCX पर भी दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। MCX Gold करीब 1,50,065 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जबकि इसमें करीब 1.10 प्रतिशत की गिरावट रही। MCX Silver करीब 2,32,240 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही और इसमें लगभग 1.36 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई।
इससे एक दिन पहले मंगलवार को MCX पर सोना करीब 1,51,699 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जबकि चांदी करीब 2,35,200 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही थी। इस तरह बुधवार के कारोबार में दोनों धातुओं पर दबाव और बढ़ा। हालांकि अलग-अलग बाजारों में दिखाई देने वाली कीमतों में अंतर हो सकता है, क्योंकि MCX के भाव Futures Contracts पर आधारित होते हैं, जबकि ज्वैलरी और स्थानीय बुलियन बाजार में कीमतें अलग-अलग कारकों से प्रभावित होती हैं।
बड़े शहरों में Retail Gold Rates की बात करें तो 2 सितंबर को चेन्नई में 24 कैरेट सोना करीब 15,463 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट करीब 14,174 रुपये और 18 कैरेट करीब 11,944 रुपये प्रति ग्राम बताया गया। मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 15,408 रुपये, 22 कैरेट 14,124 रुपये और 18 कैरेट 11,556 रुपये प्रति ग्राम रहा। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 15,423 रुपये, 22 कैरेट 14,139 रुपये और 18 कैरेट 11,571 रुपये प्रति ग्राम के आसपास रहा। कोलकाता और बेंगलुरु में भी कीमतें लगभग इसी स्तर पर रहीं। इन Retail Rates में स्थानीय बाजार, ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज और GST के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
सोने और चांदी में गिरावट के पीछे कई Global Factors काम कर रहे हैं। डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव से Non-Yielding Asset माने जाने वाले सोने पर दबाव बन सकता है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में हलचल ने बाजार में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है।
अब निवेशकों की नजर अमेरिका के Employment Data पर है। रोजगार और महंगाई से जुड़े आंकड़ों के आधार पर बाजार यह अनुमान लगाने की कोशिश करेगा कि Federal Reserve आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है। यदि ब्याज दरों को ऊंचा रखने के संकेत मजबूत होते हैं तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि दरों में नरमी की उम्मीद बनने पर Gold और Silver में दोबारा खरीदारी लौट सकती है।
सितंबर में होने वाली Federal Reserve Meeting भी कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल बाजार में डॉलर, बॉन्ड यील्ड, महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में आने वाले आर्थिक आंकड़े और फेड का रुख यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि सोने-चांदी की मौजूदा गिरावट आगे जारी रहती है या बाजार में फिर से Recovery देखने को मिलती है।