भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास पर कार्रवाई की मांग, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उरला थाने में सौंपा ज्ञापन
रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास के खिलाफ उरला थाने में ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक पुराने वीडियो को ग्राम नकटी प्रकरण से जोड़कर कांग्रेस नेता पंकज शर्मा की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (या लागू कानून) और आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। इन आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में एक वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास के खिलाफ उरला थाने में ज्ञापन सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि एक पुराने वीडियो को ग्राम नकटी की घटना से जोड़कर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे कांग्रेस नेता पंकज शर्मा की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बीरगांव नगर निगम के वार्ड क्रमांक 27 के पार्षद दिलदार कुमरे के नेतृत्व में स्थानीय नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता उरला थाना पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए भाजपा प्रवक्ता के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग की।
दिलदार कुमरे ने आरोप लगाया कि हाल ही में ग्राम नकटी में हुई कार्रवाई के बाद कांग्रेस द्वारा प्रभावित परिवारों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया गया था। उनका दावा है कि इस दौरान बढ़ते जनाक्रोश के बीच भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कोरोना काल के एक पुराने वीडियो को नकटी प्रकरण से जोड़कर सार्वजनिक किया और इसे कांग्रेस नेता पंकज शर्मा से संबंधित बताकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की।
कांग्रेस का कहना है कि जिस वीडियो का उल्लेख किया जा रहा है, वह वास्तव में बीरगांव नगर निगम के वार्ड क्रमांक 27 स्थित डेरहापारा क्षेत्र का है। दिलदार कुमरे के अनुसार उस समय क्षेत्र के निवासी अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर पंकज शर्मा से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में कही गई बातें डेरहापारा क्षेत्र के निवासियों से संबंधित थीं और उनका ग्राम नकटी की घटना से कोई संबंध नहीं था।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पुराने वीडियो का कथित रूप से गलत संदर्भ में उपयोग कर कांग्रेस नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस ने इसे दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने उरला थाना पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (या लागू प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि सोशल मीडिया पर इस प्रकार भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दिलदार कुमरे के अलावा भूपेन्द्र साहू, बैसाखू सागर, दीवान कुमरे, शोभाराम ध्रुव, अनिल ध्रुव, इंद्रजीत सिंह राजपूत, उज्जवल कुमरे, कृष्णा कुमरे, गुलशन पाठक, राजेश सेन, शुभम कलार, छोटे अंसारी, नंदकिशोर जगत, अमित राय, प्रवेश पाण्डेय, मनीष शर्मा, विशाल, सतीष पाण्डेय, तूफान पाठक, शिव ध्रुव, बाबा खान, दलवीर सिंह, छेदीलाल सरोज, रोहित यादव, रितेश सिंह, आदित्य सोनी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।