प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भूमि चिन्हांकन तेज होगा, मुख्य सचिव ने जिलों को दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में भूमि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि चिन्हांकन, पात्र हितग्राहियों की पहचान और आवास निर्माण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

Jul 9, 2026 - 10:27
 0  2
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए भूमि चिन्हांकन तेज होगा, मुख्य सचिव ने जिलों को दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि का सर्वेक्षण और चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव विकासशील ने सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पात्र हितग्राहियों की पहचान प्राथमिकता के आधार पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी आवासहीन परिवारों का सर्वेक्षण कर उनकी पात्रता का सत्यापन किया जाए, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंच सके।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से आबादी भूमि पर निवास करने वाले पात्र परिवारों की पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों का सत्यापन कर उन्हें योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास की सुविधा से वंचित न रहे।

बैठक में नगरीय क्षेत्रों में भविष्य की आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि वर्तमान और भविष्य की जनसंख्या तथा आवास की मांग का आकलन कर योजनाबद्ध तरीके से भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगामी वर्षों में आवास निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

ग्रामीण क्षेत्रों के संबंध में भी अधिकारियों को व्यापक योजना बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पात्र हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इसके साथ ही भूमि की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी समुचित आकलन किया जाए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि राजस्व, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्य करेंगे तो योजना का लाभ तेजी से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा सकेगा।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजना की वर्तमान स्थिति, भूमि उपलब्धता तथा हितग्राही चयन की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों को स्थायी एवं सुरक्षित पक्का आवास उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार का प्रयास है कि नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पात्र परिवारों की समयबद्ध पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाए। इसके लिए भूमि चिन्हांकन, हितग्राही सत्यापन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेगा और समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत पक्का घर उपलब्ध कराया जा सके।