उरला फैक्ट्री हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 3-डी इनोवेशन की उत्पादन गतिविधियां बंद, मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹30-30 लाख मुआवजे पर सहमति

रायपुर के उरला स्थित 3-डी इनोवेशन फैक्ट्री में हुए औद्योगिक हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कारखाने की सभी विनिर्माण गतिविधियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। विभाग के प्रयासों से कंपनी प्रबंधन ने मृतक तीनों श्रमिकों के परिजनों को ₹30-30 लाख की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Jul 9, 2026 - 10:32
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उरला फैक्ट्री हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 3-डी इनोवेशन की उत्पादन गतिविधियां बंद, मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹30-30 लाख मुआवजे पर सहमति

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स 3-डी इनोवेशन फैक्ट्री में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए कारखाने की सभी विनिर्माण गतिविधियों को अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही विभाग के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन ने हादसे में जान गंवाने वाले तीनों श्रमिकों के परिजनों को ₹30-30 लाख की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना ग्राम बेन्द्री के समीप उरला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 3-डी इनोवेशन के फेरो एलॉयज डिवीजन में हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फर्नेस में लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। हादसे में अरुण पाण्डेय, लाल सिंह और कमल सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई तथा कारखाना प्रबंधन एवं वहां कार्यरत श्रमिकों से प्रारंभिक पूछताछ भी की।

प्रारंभिक जांच के आधार पर विभाग ने श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(ए) के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए कारखाने में संचालित सभी प्रकार की उत्पादन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इस संबंध में कारखाने के अधिभोगी और प्रबंधक को औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्पादन कार्य बंद रहने की अवधि में भी कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को नियमानुसार उनका वेतन एवं अन्य देय भत्ते समय पर उपलब्ध कराए जाएं। प्रशासन ने कहा है कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक कर मृतक श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की। विभाग के प्रयासों से कंपनी प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को ₹30-30 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने पर सहमति व्यक्त की है। प्रशासन का कहना है कि यह सहायता राशि प्रभावित परिवारों को शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी।

फिलहाल विभाग द्वारा दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में तकनीकी पहलुओं, सुरक्षा मानकों के पालन, उपकरणों की स्थिति और कार्यस्थल पर अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रियाओं का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित कानूनों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उरला फैक्ट्री हादसे के बाद प्रशासन की यह कार्रवाई प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।