UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनंदगांव l परिक्रमा पथ परियोजना के विरोध में कांग्रेस द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम के कारण मंगलवार को डोंगरगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। हाईस्कूल चौक पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और प्रभावित किसान एकत्र हुए, जिन्होंने सड़क पर बैठकर परियोजना के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते शहर से गुजरने वाले कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रशासन को तत्काल रूट डायवर्ट की व्यवस्था लागू करनी पड़ी।
सुबह से ही हाईस्कूल चौक पर आंदोलनकारियों की भीड़ जुटने लगी थी। प्रदर्शनकारियों ने परिक्रमा पथ परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। उनका कहना था कि प्रस्तावित परियोजना से स्थानीय लोगों और किसानों के हित प्रभावित होंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से परियोजना पर पुनर्विचार करने और जनता की मांगों को प्राथमिकता देने की अपील की।
आंदोलन में विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, नवाज खान, विजयराज सिंह और संध्या देशपांडे सहित कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए। नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन स्थानीय नागरिकों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जनभावनाओं का सम्मान नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में परिक्रमा पथ परियोजना को रद्द करने, शहर के बाहर वैकल्पिक बाईपास का निर्माण, भारी वाहनों के लिए समय-आधारित प्रवेश व्यवस्था लागू करने तथा शहर के प्रमुख चौकों पर स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की मांग रखी। उनका कहना था कि इन उपायों से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
चक्काजाम के कारण खैरागढ़, चिचोला, महाराष्ट्र और राजनांदगांव की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में वाहन सड़क पर फंस गए, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित करने की व्यवस्था की। पुलिस ने रूट डायवर्ट लागू कर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य करने का प्रयास किया।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। देर तक चले आंदोलन के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात का दबाव बना रहा।