बातचीत के दौरान कुलभूषण चंद्राकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि छत्तीसगढ़ में उन्हें ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है। कलाकार की यह बात सुनकर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि बुलडोजर पसंद है ना आपको। उन्होंने आगे कहा कि वे गा नहीं सकते, लेकिन गलत लोगों पर बुलडोजर चलवा सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस सहज और मजेदार अंदाज पर वहां मौजूद कलाकारों के चेहरे खिल उठे और माहौल हंसी से भर गया।
कुलभूषण चंद्राकर ने बातचीत के दौरान अयोध्या जाने की अपनी इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था और अब वह वर्तमान अयोध्या को देखना चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय की अयोध्या और आज की अयोध्या में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कलाकारों को अयोध्या जाने और वहां हुए विकास कार्यों तथा बदलावों को देखने के लिए प्रोत्साहित किया।
जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश पहुंचीं कलाकार श्रुति ने भी अयोध्या जाकर श्रीराम मंदिर के दर्शन करने की इच्छा जताई। उनकी इच्छा सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनके अयोध्या भ्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कलाकारों से कहा कि जब भी वे किसी दूसरे राज्य में जाएं तो कोशिश करें कि कम से कम एक दिन अतिरिक्त रुकें और वहां की संस्कृति, खान-पान तथा ऐतिहासिक स्थलों को करीब से देखें।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की वास्तविक खूबसूरती उसकी विविधता में है। कलाकार इस विविधता को एक-दूसरे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य या नाटक प्रस्तुत करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे देश की परंपराओं और लोक संस्कृति के वाहक भी हैं। उनकी प्रस्तुतियों में अतीत की स्मृतियां और सांस्कृतिक विरासत दिखाई देती है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का काम करती है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक देश के अलग-अलग हिस्सों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए राष्ट्रीय एकता के साथ सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
अरुणाचल प्रदेश की कलाकार नीलम से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने लखनऊ में उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली और उन्हें अयोध्या के साथ भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्थलों को देखने की सलाह दी। वहीं बिहार के कलाकार सुबोध को भी अयोध्या जाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच जुड़े सांस्कृतिक संबंधों तथा मां जानकी से जुड़ी परंपराओं का उल्लेख किया। इस दौरान विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के बीच सांस्कृतिक संवाद और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देखने को मिला।