संस्था की अध्यक्ष दीप्ति गुप्ता ने बताया कि समिति की ओर से पारंपरिक रूप से दिए जाने वाले मोमेंटो या गुलदस्ते की जगह भारतीय संस्कृति से जुड़े पवित्र ग्रंथ भेंट करने की परंपरा शुरू की गई है। उनके अनुसार, इस पहल का उद्देश्य लोगों को अपनी सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ना और सम्मान कार्यक्रमों को भारतीय परंपराओं से जोड़ना है।
वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर संस्था ने शहर के 11 डॉक्टरों को उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया। महिला सदस्यों ने डॉक्टरों के क्लिनिक पहुंचकर उन्हें दुपट्टा पहनाया और गीता एवं रामायण भेंट की। संस्था की ओर से इन डॉक्टरों के स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान को सम्मान देने की बात कही गई।
सम्मानित डॉक्टरों में रूपेंद्र पटेल, एल्कजेंडर नंदा, प्रकाश मिश्रा, अजय गुप्ता, प्रशांत अग्रवाल, अजीत पटेल, रश्मि गोयल, मनोज गोयल, प्रशांत अग्रवाल (अपेक्स) और अर्नीश अग्रवाल के नाम शामिल हैं। उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में 11 डॉक्टरों का उल्लेख है, जबकि नामों की सूची में 10 अलग-अलग नाम दर्ज हैं।
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित डॉक्टरों ने आधुनिक जीवनशैली में हो रहे बदलावों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक सावधानियों और स्वास्थ्य संबंधी सुझावों की जानकारी दी। डॉक्टरों ने लोगों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने की बात कही।
संस्था की अध्यक्ष दीप्ति गुप्ता के साथ कोषाध्यक्ष मधु गुप्ता, सोनू अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, अनु संथालिया, रेखा जैन और आशा गोयल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
मारवाड़ी युवा मंच महिला संस्कृति शाखा की ओर से समय-समय पर सामाजिक और सेवा गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। संस्था के अनुसार, सामाजिक सेवा, मानव सेवा और गौसेवा से जुड़े कार्यों के माध्यम से समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।
वर्ल्ड हार्ट डे पर आयोजित यह सम्मान कार्यक्रम डॉक्टरों के सेवा योगदान को सम्मानित करने के साथ हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देने पर केंद्रित रहा। डॉक्टरों ने भी स्वस्थ जीवनशैली और हृदय की देखभाल को लेकर लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी।