1 अक्टूबर से WhatsApp पर मैसेज के लिए चार्ज? जानिए किस पर पड़ेगा असर

1 अक्टूबर 2026 से WhatsApp की बिजनेस मैसेजिंग प्राइसिंग में बदलाव की बात सामने आई है। इसका असर मुख्य रूप से WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों और बड़े कारोबारों पर पड़ेगा। आम यूजर्स की निजी WhatsApp चैट के लिए नया मैसेजिंग चार्ज लागू नहीं होगा। प्रस्तावित बदलाव में बिजनेस द्वारा भेजे जाने वाले कुछ यूटिलिटी और सर्विस मैसेज की कीमत शामिल है। Meta के मुताबिक WhatsApp का सामान्य अनुभव लोगों के लिए मुफ्त बना हुआ है।

Sep 29, 2026 - 20:27
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1 अक्टूबर से WhatsApp पर मैसेज के लिए चार्ज? जानिए किस पर पड़ेगा असर

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। WhatsApp पर 1 अक्टूबर 2026 से मैसेज भेजने के लिए चार्ज लगने की खबरों के बीच सबसे जरूरी बात यह है कि इसका सीधा असर आम WhatsApp यूजर्स की निजी चैट पर नहीं है। बदलाव मुख्य रूप से WhatsApp Business Platform के जरिए ग्राहकों को बड़े पैमाने पर मैसेज भेजने वाले कारोबारों की मैसेजिंग प्राइसिंग से जुड़ा है। Meta ने सितंबर 2026 में भी स्पष्ट किया है कि उसके ऐप्स का core experience मुफ्त बना हुआ है।

WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल कंपनियां कस्टमर सपोर्ट, ऑर्डर अपडेट, डिलीवरी सूचना, प्रमोशनल कम्युनिकेशन और अन्य ऑटोमेटेड मैसेज भेजने के लिए करती हैं। Meta पहले से बिजनेस मैसेजिंग के लिए अलग-अलग टूल और भुगतान आधारित सेवाएं उपलब्ध कराता है।

24 घंटे की विंडो में क्या बदलेगा?

बिजनेस और ग्राहक के बीच बातचीत में 24 घंटे की कस्टमर-सर्विस विंडो महत्वपूर्ण होती है। WhatsApp की बिजनेस नीति के अनुसार, इस अवधि के बाहर बिजनेस द्वारा ग्राहक को संदेश भेजने के लिए स्वीकृत मैसेज टेम्पलेट का इस्तेमाल करना पड़ता है और उसके लिए लागू शुल्क लिया जा सकता है।

1 अक्टूबर से प्रस्तावित बदलाव में बिजनेस द्वारा भेजे जाने वाले कुछ Utility Messages पर भी शुल्क लागू होने की बात कही गई है। इनमें ऑर्डर कन्फर्मेशन, डिलीवरी अपडेट और इसी तरह के ग्राहक-संबंधी संदेश शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, आपके दिए गए स्रोत में बताई गई ₹0.115 प्रति मैसेज जैसी दरों और 1,000 मुफ्त सर्विस मैसेज की सीमा की मुझे Meta के सार्वजनिक आधिकारिक स्रोतों में स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। इसलिए इन आंकड़ों को निश्चित दर के रूप में नहीं प्रस्तुत करना उचित होगा।

आम यूजर्स को क्या करना होगा?

अगर आप WhatsApp का इस्तेमाल परिवार, दोस्तों या सामान्य निजी बातचीत के लिए करते हैं, तो इस बदलाव से आपके मैसेज भेजने पर नया शुल्क लगने की बात नहीं है। Meta ने हालिया घोषणा में भी कहा है कि उसके ऐप्स का मुख्य अनुभव मुफ्त रहेगा।

यानी सामान्य WhatsApp चैट, फोटो, वीडियो या निजी बातचीत को इस बिजनेस प्राइसिंग बदलाव से अलग समझना चाहिए।

किसे पड़ेगा असर?

इस बदलाव का संभावित असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो WhatsApp Business Platform के जरिए बड़ी संख्या में ग्राहकों को ऑटोमेटेड संदेश भेजती हैं। इनमें ई-कॉमर्स, बैंकिंग, ऑनलाइन सर्विस, डिलीवरी और अन्य डिजिटल कारोबार शामिल हो सकते हैं।

Meta भारत में WhatsApp को बिजनेस-कस्टमर कम्युनिकेशन के लिए लगातार विस्तार दे रहा है। कंपनी ने 2026 में WhatsApp पर बिजनेस के लिए AI आधारित ग्राहक सहायता सुविधाएं भी पेश की हैं।

इसलिए “1 अक्टूबर से WhatsApp आम लोगों के लिए पेड हो जाएगा” कहना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बदलाव मुख्य रूप से बिजनेस मैसेजिंग की कीमतों और WhatsApp Business Platform से संबंधित है। कंपनियों को अपने इस्तेमाल किए जा रहे बिजनेस अकाउंट और मैसेज कैटेगरी के अनुसार लागू शुल्क की पुष्टि Meta की आधिकारिक प्राइसिंग से करनी होगी।