पुलिस जनजागरूकता केंद्र के माध्यम से आम नागरिकों को डायल-112 की कार्यप्रणाली, साइबर ठगी से बचाव, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, साइबर अपराध की रिपोर्टिंग, साक्ष्यों के संकलन एवं संरक्षण, फॉरेंसिक सेवाओं, महिला एवं बाल सुरक्षा, पुलिस कंट्रोल रूम और यातायात नियमों के संबंध में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें पुलिस सेवाओं का आवश्यकता के अनुसार उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
प्रदर्शनी केंद्र में फॉरेंसिक वैन को आवश्यक वैज्ञानिक उपकरणों एवं सामग्री के साथ प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से नागरिकों को अपराध की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक तकनीक की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। वहीं डायल-112 वाहन के जरिए आपातकालीन स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और उसकी कार्यप्रणाली से भी आमजन को अवगत कराया गया।
प्रदर्शनी में समाधान ऐप, मानस पोर्टल, अभिव्यक्ति ऐप, महिला सुरक्षा सेवाओं, डायल-112, फॉरेंसिक सेवाओं तथा वेब एवं ऑनलाइन पुलिस सेवाओं की जानकारी भी दी गई। नागरिकों को इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे पुलिस से आसानी से संपर्क कर सकें और संबंधित सेवाओं का लाभ उठा सकें।
यातायात पुलिस द्वारा भी प्रदर्शनी केंद्र के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। नागरिकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने बताया कि यातायात नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान कबीरधाम जिले के प्रभारी एवं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, जिला कलेक्टर गोपाल वर्मा और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने पुलिस के जनजागरूकता एवं प्रदर्शनी केंद्र का अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री लखनलाल देवांगन ने स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर “मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं” अभियान में सहभागिता की। उन्होंने नागरिकों को भी साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने और जागरूकता अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
कबीरधाम पुलिस का उद्देश्य पुलिस की सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल और सहज तरीके से पहुंचाना तथा लोगों को अपराध और साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगाए गए इस जनजागरूकता एवं प्रदर्शनी केंद्र के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ नागरिकों को सुरक्षित एवं जागरूक रहने का संदेश दिया गया।