डुमरतराई थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के नाम पर नामकरण और प्रतिमा स्थापना की घोषणा की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के डुमरतराई स्थित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। उन्होंने परिसर का नामकरण सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर करने तथा यहां उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। लगभग 36 एकड़ में विकसित यह आधुनिक व्यापारिक परिसर व्यापार, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में व्यापारिक अधोसंरचना को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डुमरतराई स्थित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा। साथ ही परिसर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर सरदार पटेल की 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं का विकास होता है, वहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं, नए निवेश आते हैं और रोजगार के अवसरों का विस्तार होता है। उन्होंने कहा कि डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देने वाला केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की अनेक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी थी। उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से इस व्यापारिक परिसर का नाम उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण के प्रति श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान से प्रेरणा लेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किनारे लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक थोक बाजार में व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से व्यापारी समुदाय इस प्रकार की व्यवस्थित व्यापारिक अधोसंरचना की मांग कर रहा था, जिसे अब पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'ईज ऑफ लिविंग' पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। व्यापार, उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में लगातार सुधार किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव राज्य की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में जिस आधुनिक थोक बाजार की परिकल्पना की गई थी, वह अब साकार हो चुकी है। इससे व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह परियोजना गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनके अनुसार आधुनिक थोक बाजार प्रदेश में व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति देगा तथा आर्थिक गतिविधियों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। पहले चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें और हॉल निर्मित किए गए, जबकि दूसरे चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरण पूरे होने के बाद प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।
कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के दौरान व्यापारिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।