बेंगलुरु में पानी के विवाद ने ली जान, पीजी मालिक की पिटाई के बाद मौत

बेंगलुरु में पानी के उपयोग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक पीजी मालिक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान पीजी मालिक और दो छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल हुए पीजी मालिक ने दम तोड़ दिया।

Jun 23, 2026 - 16:40
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बेंगलुरु में पानी के विवाद ने ली जान, पीजी मालिक की पिटाई के बाद मौत

UNITED NEWS OF ASIA. बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पानी के उपयोग को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक पीजी (पेइंग गेस्ट) मालिक की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दो छात्रों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 37 वर्षीय माधव माटले के रूप में हुई है, जो लक्ष्मी नरसिम्हा पीजी का संचालन करते थे। मामले में हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान राकेश और डॉन ब्राइट सोन के रूप में हुई है। दोनों छात्र उसी पीजी में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना सोमवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच हुई। बताया जा रहा है कि दोनों छात्र बाहर से लौटने के बाद पीजी परिसर में लगे नल के पानी से अपने पैर धो रहे थे। इसी दौरान पीजी मालिक माधव माटले ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और बहस ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान पीजी मालिक ने क्रिकेट बैट उठाकर छात्रों को डराने या उन पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस के मुताबिक, झड़प के दौरान छात्रों ने कथित रूप से बैट छीन लिया और पीजी मालिक के साथ मारपीट की। इस घटना में माधव माटले गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं तथा आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस परिस्थिति में हिंसक हुआ और झड़प के दौरान वास्तव में क्या-क्या घटनाक्रम हुआ।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण किया जा रहा है। दोनों छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि छोटी-सी कहासुनी या विवाद यदि समय रहते नियंत्रित नहीं किया जाए तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।