जल संरक्षण जन आंदोलन बने तभी बढ़ेगा भूजल स्तर : राज्यपाल रमेन डेका

कबीरधाम दौरे पर पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका ने वर्षा जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वृक्षारोपण और पीएम जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

May 16, 2026 - 18:23
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जल संरक्षण जन आंदोलन बने तभी बढ़ेगा भूजल स्तर : राज्यपाल रमेन डेका

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले के दौरे पर पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि वर्षा जल का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में भूजल संकट और गंभीर हो सकता है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी मौजूद रहीं। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल प्रकृति का सबसे महत्वपूर्ण और मुफ्त संसाधन है, जिसका सही उपयोग कर भविष्य की जल जरूरतों को सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने जिले के सभी पक्के भवनों और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रेरित करने और बड़े किसानों को मॉडल के रूप में आगे लाने की बात कही।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। राज्यपाल ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने तथा जिले का फॉरेस्ट कवर मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। राज्यपाल ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने, ड्रिप इरिगेशन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।

पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने सड़क, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने टीबी मरीजों के समुचित उपचार, पोषण आहार उपलब्ध कराने और गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। महिलाओं में स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता अभियान और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग और एम्स के बीच हुए एमओयू के तहत मोतियाबिंद मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है, जिसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलना चाहिए।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो बेहतर योजनाओं और जनजीवन में सकारात्मक बदलाव से स्थापित हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, डीएफओ निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।