माइनिंग अधिकारियों को धमकी मामले में भाजपा नेता पर FIR, कई धाराओं में केस दर्ज
तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में खनिज विभाग के अधिकारियों को कथित रूप से धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में भाजपा नेता खुमान वर्मा और उनके साथियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में खनिज विभाग के अधिकारियों को कथित रूप से धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में भाजपा नेता खुमान वर्मा और उनके साथियों के खिलाफ पुलिस ने नामजद एफआईआर दर्ज की है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 22 में अवैध खनन की शिकायतों की जांच और कार्रवाई के लिए पहुंची थी। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों और कुछ स्थानीय लोगों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो और प्राप्त शिकायत के आधार पर मामले की जांच की गई। जांच के बाद खुमान वर्मा और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की शासकीय कार्य में बाधा, धमकी तथा अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला कायम किया है।
आरोप है कि खनिज विभाग की टीम जब अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही थी, तब उन्हें कथित रूप से घेरकर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया गया। साथ ही अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि मामले से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें अधिकारियों और कुछ लोगों के बीच तीखी बहस दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसी वीडियो को पुलिस ने प्रारंभिक जांच के महत्वपूर्ण आधारों में शामिल किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इस घटनाक्रम ने तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में अवैध खनन और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बहस को भी तेज कर दिया है। स्थानीय स्तर पर विभिन्न पक्ष इस मामले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्यों में बाधा या अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की विवेचना जारी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने कहा है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।