सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, CJP ने कहा- मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी

NEET पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता। CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई है।

Jul 24, 2026 - 17:23
 0  2
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, CJP ने कहा- मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया है। गुरुवार देर रात केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ हुई बातचीत और सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का निर्णय लिया। हालांकि, इस फैसले के बाद भी आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन अपने मूल मुद्दों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए दोहराया कि उनकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनका कहना है कि जब तक सरकार इस मांग पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

26 दिन बाद समाप्त हुआ अनशन

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के विरोध में सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के हितों की रक्षा और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।

लंबे समय तक चले इस अनशन के दौरान देशभर के विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई अन्य संगठनों ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया। अंततः केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद मिले आश्वासन के आधार पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

CJP ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद CJP ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा।

अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल अनशन नहीं था, बल्कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना और छात्रों को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों पर पूरी तरह कायम है और भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP

CJP के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनके अनुसार, पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए यह आवश्यक कदम है।

बालियान ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि यदि जिम्मेदारी तय करनी है, तो शीर्ष स्तर पर भी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शिता चाहते हैं।

छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने की मांग

दीपक बालियान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र और उनके परिवार वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं और कर्ज तक लेते हैं।

ऐसी स्थिति में यदि किसी परीक्षा में पेपर लीक जैसी कथित घटनाएं सामने आती हैं, तो छात्रों की वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं पर मानसिक दबाव बढ़ता है और उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा होती है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सोनम वांगचुक को लेकर भी उठाए सवाल

CJP ने सोनम वांगचुक के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। दीपक बालियान ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए था।

उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक को पर्दे के पीछे छिपाकर ले जाया गया, जो उनके अनुसार उचित नहीं था। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।

हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस कार्रवाई पर भी जताई नाराजगी

CJP ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। संगठन ने सवाल उठाया कि क्या इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।

दीपक बालियान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की बात कही है। यदि सरकार त्वरित कार्रवाई के पक्ष में है, तो छात्रों द्वारा उठाई गई जवाबदेही की मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

जवाबदेही और शिक्षा सुधार पर जोर

CJP का कहना है कि केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में संस्थागत सुधार भी आवश्यक हैं। संगठन का मानना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के विवाद दोबारा सामने न आएं।

संगठन ने यह भी कहा कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति अपनानी होगी और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी स्तरों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।

सरकार से ठोस निर्णय की अपेक्षा

सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने के बाद अब आंदोलन का केंद्र CJP और अन्य छात्र संगठनों की मांगों पर आ गया है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों—विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार—पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और छात्रों तथा विभिन्न संगठनों के साथ संवाद की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल, सोनम वांगचुक का अनशन भले समाप्त हो गया हो, लेकिन NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर उठे सवाल और उससे जुड़ा आंदोलन अभी भी जारी है।