बैठक में समाज के लोगों ने कहा कि नुआखाई पर्व उत्कल समाज की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान से जुड़ा अवसर है। ऐसे में इस पर्व पर अवकाश की घोषणा को समाज की भावनाओं और परंपराओं के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही रायपुर में निवासरत उत्कल समाज के लोगों के लिए समाज भवन निर्माण की पहल को भी महत्वपूर्ण कदम बताया गया। समाजजनों ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सभी समाजों की भावनाओं, परंपराओं और आवश्यकताओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्कल समाज ने छत्तीसगढ़ के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई पर्व पर अवकाश की घोषणा समाज की सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
विधायक मिश्रा ने कहा कि रायपुर में उत्कल समाज के लिए भवन निर्माण की पहल भी समाज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार समाज भवन बनने से सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए एक स्थायी मंच उपलब्ध हो सकेगा। इससे समाज के लोगों को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक विरासत से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि नुआखाई पर्व के बाद उत्कल समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान समाज की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा। साथ ही उत्कल समाज से जुड़े अन्य विषयों और आवश्यकताओं को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा, ताकि उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक पहल की जा सके।
बैठक में समाज के वकील तांडी, कैलाश बेहरा, राधे दुर्गा, परेश्वर बाघ, सुन्दर जय तांडी, बगरती सोनी, गोपाल सोना, बसंत गोड, महेश बघेल, खगपति सोनी, संतोष सोनी, प्रकाश जगत, रमन तांडी, माधुरी बघेल, जीतू तांडी, लक्ष्मी नारायण, विजय छुरा, राहुल क्षत्रिय, श्याम डोंगरे, खेमा सागर हिलाया, सोनू चंद बघेल, सुमित खुरा, पिंकी निहाल, प्रशांत जगत, संकेत तांडी, सागर कुम्हार, अशोक बाग, मोहित बघेल, सदाशिव सोनी, शरद जाल, किशोर नायक, बेनु चौहान और कन्हैया बाग सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान रायपुर मेलोडी गाड़ा बाजा कल्याण महासंघ के अध्यक्ष बबलू महानंद के साथ सुशांत दुर्गा, प्रीतम तांडी और जतिन तांडी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक में समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने को लेकर भी सहभागिता दिखाई दी।