कापसी पंचायत उपचुनाव में प्रेमा बसंत जुर्री की ऐतिहासिक वापसी, भारी बहुमत से फिर बनीं सरपंच

कांकेर जिले के कापसी ग्राम पंचायत उपचुनाव में प्रेमा बसंत जुर्री ने भारी बहुमत से जीत दर्ज कर दोबारा सरपंच पद हासिल कर लिया है। उन्होंने 1592 मत प्राप्त कर अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी गंगा मानिकपुरी को 1240 से अधिक मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। जीत के बाद कापसी क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

Jun 2, 2026 - 13:01
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कापसी पंचायत उपचुनाव में प्रेमा बसंत जुर्री की ऐतिहासिक वापसी, भारी बहुमत से फिर बनीं सरपंच

UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजुर l त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव 2026 के तहत कांकेर जिले की कापसी ग्राम पंचायत में हुए चुनाव परिणाम ने क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। कापसी की जनता ने एक बार फिर प्रेमा बसंत जुर्री पर भरोसा जताते हुए उन्हें भारी बहुमत से सरपंच पद के लिए निर्वाचित किया है। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल पंचायत की सत्ता में वापसी की है, बल्कि जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ का भी परिचय दिया है।

उपचुनाव में मुकाबला भाजपा समर्थित प्रत्याशी गंगा मानिकपुरी और निर्दलीय प्रत्याशी प्रेमा बसंत जुर्री के बीच था। मतगणना के दौरान शुरुआत से ही प्रेमा बसंत जुर्री को बढ़त मिलती रही। अंतिम परिणाम में उन्हें कुल 1592 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी गंगा मानिकपुरी को केवल 352 मत मिले। इस प्रकार प्रेमा बसंत जुर्री ने 1240 से अधिक मतों के अंतर से शानदार और ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

कापसी पंचायत की राजनीति में यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2024 के पंचायत चुनाव में भी प्रेमा बसंत जुर्री ने बहुमत के साथ सरपंच पद हासिल किया था। हालांकि बाद में अविश्वास प्रस्ताव के चलते उन्हें पद से हटना पड़ा। लेकिन पद से हटाए जाने के लगभग छह महीने बाद हुए इस उपचुनाव में उन्होंने फिर से जनता का विश्वास जीतकर मजबूत वापसी की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की सोच और प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। बड़ी जीत यह संकेत देती है कि मतदाताओं ने अपने पिछले अनुभवों और विकास कार्यों के आधार पर फैसला लिया। वहीं भाजपा समर्थित प्रत्याशी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने को भी स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परिणाम घोषित होते ही कापसी नगर में समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल बन गया। जीत की खुशी में आतिशबाजी की गई, मिठाइयां बांटी गईं और मंदिरों में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया गया। इसके बाद समर्थकों ने विजय जुलूस निकालकर पूरे नगर में जीत का जश्न मनाया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रेमा बसंत जुर्री को बधाई दी और उनके नेतृत्व में पंचायत के विकास की उम्मीद जताई।

मीडिया से चर्चा के दौरान प्रेमा बसंत जुर्री ने अपनी जीत का श्रेय कापसी की जनता और सभी मतदाताओं को दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य किया जाएगा।

कापसी पंचायत उपचुनाव का यह परिणाम स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। जनता ने जिस विश्वास के साथ प्रेमा बसंत जुर्री को दोबारा सरपंच पद की जिम्मेदारी सौंपी है, उससे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह जीत ग्रामीण राजनीति में जनसमर्थन और विश्वास की ताकत का भी एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।