कुँवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ: CM विष्णु देव साय ने 136 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात
रायपुर के धरसींवा में कुँवरगढ़ महोत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। इस दौरान 136 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ तथा ग्राम कूंरा का नाम बदलकर ‘कुँवरगढ़’ करने की घोषणा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरसींवा क्षेत्र में ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 136 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक अहम घोषणा करते हुए प्राचीन ग्राम कूंरा का नाम बदलकर ‘कुँवरगढ़’ करने की बात कही। इस निर्णय से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला, क्योंकि यह नाम क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, परंपरा और इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने और उन्हें नई पहचान देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण भी किया, जिससे क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं में तेजी और सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्होंने गौरवपथ निर्माण, रानीसागर तालाब के सौंदर्यीकरण, पुलिस चौकी स्थापना, खारून नदी पर एनीकट निर्माण, खेल मैदान उन्नयन और टेकारी-नयापारा मार्ग के चौड़ीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की।
धरसींवा का यह क्षेत्र, जिसे अब कुँवरगढ़ के रूप में विकसित किया जा रहा है, ऐतिहासिक रूप से आदिवासी शासक राजा कुँवर सिंह गोंड के साम्राज्य का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भी समृद्ध है, जहां माता कंकालिन, माता चंडी, माता महामाया और भगवान चतुर्भुजी जैसे धार्मिक स्थलों की मौजूदगी इसे विशेष बनाती है।
महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने लोगों को शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के भ्रमण के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अनुज शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन की पहल के लिए विधायक अनुज शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में सहायक होगा।
इस प्रकार, कुँवरगढ़ महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, बल्कि विकास, पहचान और क्षेत्रीय गौरव के नए अध्याय की शुरुआत भी है।