कच्चा तेल सस्ता, फिर भी महंगा पेट्रोल-डीजल? कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय अतिरिक्त मुनाफाखोरी कर रही हैं।

Jul 7, 2026 - 15:20
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कच्चा तेल सस्ता, फिर भी महंगा पेट्रोल-डीजल? कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय अतिरिक्त मुनाफा कमाने में लगी हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि जब पश्चिम और मध्य एशिया में तनाव तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी थीं, तब पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में लगातार वृद्धि की गई थी। उनका दावा है कि उस अवधि में कुछ ही दिनों के भीतर कई बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे। अब जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, तब भी उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है।

कांग्रेस का आरोप है कि पिछले कुछ समय में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में अपेक्षित राहत नहीं मिली है। पार्टी का कहना है कि इस स्थिति से आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और सरकार को ईंधन की कीमतों में कटौती कर राहत देनी चाहिए।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि पेट्रोलियम कंपनियां और केंद्र सरकार ईंधन कीमतों में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय अतिरिक्त राजस्व और मुनाफे को प्राथमिकता दे रही हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि ईंधन की कीमतों में कमी का सीधा लाभ परिवहन, कृषि, उद्योग और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की लागत पर पड़ता है, जिससे महंगाई नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उनका कहना है कि ऊर्जा और ईंधन अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि ईंधन की कीमतों को संतुलित रखते हुए आम लोगों को राहत प्रदान करे।

कांग्रेस ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और पेट्रोल व डीजल की कीमतों में तत्काल कमी की जाए। पार्टी का कहना है कि इससे महंगाई पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ आम नागरिकों, किसानों और व्यापारियों को भी आर्थिक राहत मिलेगी l