बचेली के राम मंदिर के पीछे जंगल में मिले 9 और 11 पत्तियों वाले अद्भुत बेलपत्र, श्रद्धालुओं में बढ़ा कौतूहल

दंतेवाड़ा के बचेली स्थित राम मंदिर के पीछे जंगल में एक ही स्थान पर 9 और 11 पत्तियों वाले बेलपत्र मिले हैं। मंदिर के पंडित कृष्ण कर को पूजा के लिए बेलपत्र एकत्र करते समय ये असामान्य बेलपत्र दिखाई दिए। तस्वीर और जानकारी सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में इन्हें लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

Aug 10, 2026 - 19:50
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बचेली के राम मंदिर के पीछे जंगल में मिले 9 और 11 पत्तियों वाले अद्भुत बेलपत्र, श्रद्धालुओं में बढ़ा कौतूहल

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l 10 अगस्त 2026। जिले के बचेली नगर स्थित राम मंदिर के पीछे जंगल क्षेत्र में 9 और 11 पत्तियों वाले बेलपत्र एक साथ मिलने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में कौतूहल का माहौल है। आमतौर पर तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अधिक देखने को मिलता है, लेकिन यहां अलग-अलग डंठलों में 9 और 11 पत्तियां मिलने के बाद लोग इन्हें देखने के लिए उत्सुक हैं।

जानकारी के अनुसार राम मंदिर के पंडित कृष्ण कर पूजा-अर्चना के लिए मंदिर के पीछे स्थित जंगल क्षेत्र में बेलपत्र एकत्र करने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर असामान्य पत्तियों वाले बेलपत्रों पर पड़ी। ध्यान से देखने पर एक बेलपत्र के डंठल में 11, जबकि दूसरे में 9 पत्तियां दिखाई दीं। इसके बाद कृष्ण कर दोनों बेलपत्रों को अपने साथ लेकर आए और सुरक्षित रख लिया।

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व

सनातन परंपरा में बेलपत्र का भगवान शिव की पूजा-अर्चना में विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों और शिव आराधना के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते हैं। सामान्य तौर पर तीन पत्तियों वाले बेलपत्र का उपयोग पूजा में किया जाता है। ऐसे में एक ही स्थान पर अधिक पत्तियों वाले दो बेलपत्र मिलने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।

कुछ श्रद्धालु 9 और 11 पत्तियों वाले इन बेलपत्रों को धार्मिक आस्था और मान्यताओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इसे किसी चमत्कार के रूप में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है।

प्राकृतिक कारण भी हो सकता है वजह

सामान्य बेलपत्र से अलग पत्तियों की संख्या दिखाई देना प्राकृतिक रूप से पौधे के विकास में हुए बदलाव का परिणाम भी हो सकता है। पौधे की आनुवंशिक विशेषताओं, पर्यावरण या अन्य वनस्पति कारणों से पत्तियों की संरचना में अंतर संभव है। इन विशेष बेलपत्रों में 9 और 11 पत्तियां बनने की वास्तविक वजह वनस्पति विशेषज्ञों की जांच और अध्ययन के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

पंडित कृष्ण कर ने सुरक्षित रखे दोनों बेलपत्र

पंडित कृष्ण कर ने बताया कि पूजा के लिए बेलपत्र एकत्र करने के दौरान उन्हें ये दोनों विशेष बेलपत्र मिले। उनके लिए यह अनुभव अनोखा रहा और उन्होंने 9 तथा 11 पत्तियों वाले दोनों बेलपत्रों को सुरक्षित रख लिया है।

इन बेलपत्रों की तस्वीर और जानकारी सामने आने के बाद बचेली सहित आसपास के क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इन्हें देखने की उत्सुकता बनी हुई है।