केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंगेली जिले के लोरमी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने खुशी जताते हुए मिठाई बांटी और नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. राकेश भास्कर, मुंगेली l केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंगेली जिले के लोरमी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस फैसले का स्वागत किया और इसे देशभर के छात्रों एवं युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत बताया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक प्रकरण ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदों को प्रभावित किया। इस मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी और अंततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उसी जनदबाव का परिणाम है।
जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली पर ही नहीं, बल्कि छात्रों के विश्वास पर भी गहरा असर डालती हैं। वर्षों की मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को ऐसी घटनाओं से मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार समय की आवश्यकता है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने, परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कानून एवं निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के हित सर्वोपरि होने चाहिए और सरकार को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
लोरमी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग दोहराई।