दंतेवाड़ा में 28 जनवरी को जिला स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन, मेढका डोबरा में सुबह 10 बजे से होंगी प्रतियोगिताएं
दंतेवाड़ा जिले में 28 जनवरी 2026 को जिला स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया जाएगा। मेढका डोबरा में आयोजित इस कार्यक्रम में बस्तर की संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप होंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. कमलेश, दंतेवाड़ा। जिले में बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोककला को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 28 जनवरी 2026 को जिला स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन मेढका डोबरा में आयोजित होगा, जहां सुबह 10 बजे से विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों की शुरुआत की जाएगी।
बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है, जिसके माध्यम से बस्तर संभाग की लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों, नृत्य, संगीत, वेशभूषा और जनजातीय जीवनशैली को मंच प्रदान किया जाता है। इस आयोजन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए सांस्कृतिक दल भाग लेंगे और अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, आदिवासी वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति, पारंपरिक खेल एवं अन्य सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी अपनी कला, कौशल और परंपरागत ज्ञान का प्रदर्शन करेंगे, जिससे दर्शकों को बस्तर की संस्कृति को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
इस जिला स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 के मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप होंगे। उनके आगमन से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ेगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन, कलाकार एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है।
आयोजन स्थल को बस्तर की पारंपरिक कला, लोक चित्रों और सांस्कृतिक प्रतीकों से सजाया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि प्रतिभागियों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बस्तर पंडुम न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देता है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने, आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और बस्तर की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।